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टीवीके सरकार का पहला बजट 'निराशाजनक', चुनावी वादों को किया नजरअंदाज: एमके स्टालिन

चेन्नई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को टीवीके सरकार के पहले बजट को "निराशाजनक" करार देते हुए कहा कि इसमें न तो कोई मौलिक सोच दिखाई देती है और न ही राज्य के भविष्य के लिए कोई दूरदर्शी योजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों को भी नजरअंदाज कर दिया गया है।
 

चेन्नई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को टीवीके सरकार के पहले बजट को "निराशाजनक" करार देते हुए कहा कि इसमें न तो कोई मौलिक सोच दिखाई देती है और न ही राज्य के भविष्य के लिए कोई दूरदर्शी योजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों को भी नजरअंदाज कर दिया गया है।

विधानसभा में वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट अनुमान पेश किए जाने के बाद स्टालिन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता को नई सरकार के पहले बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।

उन्होंने कहा, "लोगों को लगा था कि बजट धमाकेदार होगा, लेकिन यह पूरी तरह बेकार साबित हुआ। यह द्रविड़ मॉडल सरकार के बजट की रीमेक भर है।" स्टालिन ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने डीएमके सरकार की योजनाओं को नए नाम देकर पेश करने की कोशिश की है।

डीएमके प्रमुख ने कहा कि बजट में किसानों की समस्याओं, बिजली खपत की बिलिंग और बढ़ती महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान टीवीके द्वारा किए गए कई बड़े वादों का बजट में कोई जिक्र नहीं है। स्टालिन ने कहा, "महिलाओं को 2,500 रुपये, बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये, छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और फसल ऋण की पूर्ण माफी जैसे वादों पर बजट पूरी तरह खामोश है।"

स्टालिन ने आरोप लगाया कि बजट में राज्य के दीर्घकालिक विकास की कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं है और सरकार अपने चुनावी वादों को वित्तीय प्रतिबद्धताओं में बदलने में विफल रही है।

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी बजट की आलोचना करते हुए कहा कि डीएमके सरकार की कई योजनाओं का केवल नाम बदलकर उन्हें नई योजना के रूप में पेश किया गया है।

सचिवालय में बजट पेश होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उदयनिधि ने कहा कि सरकार ने अपनी नई योजनाएं लाने के बजाय पहले से चल रही योजनाओं को नया रूप देकर पेश करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि डीएमके बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेगी और विधानसभा में सरकार के अधूरे चुनावी वादों का मुद्दा उठाएगी।

उदयनिधि ने मंगलवार को तंजावुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री तृषा से जुड़े कथित बयान के मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र किया। डीएमके का आरोप है कि बजट सत्र से पहले विपक्ष को सरकार के खिलाफ प्रभावी ढंग से आवाज उठाने से रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई का इस्तेमाल किया गया।

डीएमके नेतृत्व की यह प्रतिक्रिया टीवीके सरकार द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने के तुरंत बाद आई है। माना जा रहा है कि बजट को लेकर अब राज्य में सरकार और विपक्ष के बीच खर्च की प्राथमिकताओं, कल्याणकारी योजनाओं और विकास के मुद्दों पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिलेगी।

--आईएएनएस

डीएससी