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अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरानी जहाज को संभालेगा श्रीलंका: राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके

कोलंबो, 6 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ईरान के दूसरे नौसैनिक पोत आईआरआईएस बुशहर को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत एक तटस्थ देश के रूप में ईरानी जहाज आईआरआईएस बुशहर और उसके चालक दल से जुड़ी कार्रवाई अपने नियंत्रण में ले ली है। साथ ही अधिकारियों ने चालक दल को किनारे लाने और जहाज को देश के मुख्य व्यावसायिक बंदरगाह से दूर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
 
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरानी जहाज को संभालेगा श्रीलंका: राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके

कोलंबो, 6 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ईरान के दूसरे नौसैनिक पोत आईआरआईएस बुशहर को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत एक तटस्थ देश के रूप में ईरानी जहाज आईआरआईएस बुशहर और उसके चालक दल से जुड़ी कार्रवाई अपने नियंत्रण में ले ली है। साथ ही अधिकारियों ने चालक दल को किनारे लाने और जहाज को देश के मुख्य व्यावसायिक बंदरगाह से दूर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आईआरआईएस बुशहर एक ईरानी नौसैनिक जहाज है, जिसने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू-2026 में हिस्सा लिया था। यह भारत में आयोजित एक सहयोगी समुद्री अभ्यास था, जिसमें आईआरआईएस डेना युद्धपोत भी शामिल था। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अमेरिका की एक पनडुब्बी के हमले के बाद आईआरआईएस डेना श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डूब गया था।

राष्ट्रपति दिसानायके ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आईआरआईएस बुशहर ने 4 मार्च को श्रीलंका के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया था और श्रीलंका के एक पोर्ट में प्रवेश की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा कि मानवता को महत्व देने वाला श्रीलंका इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार संभाल रहा है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि भी शामिल है।

राष्ट्रपति ने इसे एक असामान्य स्थिति बताया, क्योंकि जहाज ऐसे देश का है, जो मौजूदा संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जहाज के कप्तान, चालक दल और ईरानी दूतावास के साथ लगातार चर्चा की। तय प्रक्रिया के तहत जहाज और उस पर मौजूद कर्मियों को श्रीलंका की देखरेख में लेने का फैसला किया।

उन्होंने बताया कि व्यावसायिक संवेदनशीलताओं को देखते हुए जहाज को कोलंबो पोर्ट पर लाने का फैसला नहीं किया गया। इसके बजाय, श्रीलंका नौसेना के जहाजों के जरिए चालक दल को कोलंबो भेजेगा और फिर जहाज को देश के ईस्ट में त्रिंकोमाली पोर्ट एरिया में ले जाएगा।

दिसानायके ने कहा कि किनारे पर लाने के लिए तैयार लोगों में 53 अधिकारी, 84 कैडेट अधिकारी, 48 वरिष्ठ नाविक और 21 नाविक शामिल हैं। मेडिकल जांच और रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें श्रीलंका के पश्चिमी प्रांत में वेलिसारा नेवी कैंप में रखा जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि निकासी के बाद श्रीलंकाई नेवी के लोगों और जहाज के चालक दल के 42 सदस्यों वाली एक संयुक्त टीम जहाज को त्रिंकोमाली एरिया में ले जाएगी।

--आईएएनएस

डीसीएच/