राष्ट्रपति ली ने भ्रष्टाचार जांच के लिए विशेष इंस्पेक्टर जनरल की नियुक्ति तेज करने की मांग दोहराई
सोल, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने नेशनल असेंबली से एक विशेष निरीक्षक जनरल की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेजी से शुरू करने की मांग दोहराई। यह अधिकारी राष्ट्रपति के परिवार और अन्य अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेगा। यह जानकारी रविवार को एक वरिष्ठ सहायक ने दी।
प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ कांग हून-सिक ने बताया कि ली चाहते हैं कि इस स्वतंत्र इंस्पेक्टर जनरल की नियुक्ति हो, ताकि राष्ट्रपति की पत्नी और करीबी रिश्तेदारों से जुड़े किसी भी गलत काम की निगरानी की जा सके। उनका मानना है कि इससे सरकारी अधिकारियों में अनुशासन बढ़ेगा और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन और यून सुक येओल ने इस पद पर किसी को नियुक्त नहीं किया था।
पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल और उनकी पत्नी किम केओन को अगस्त से जेल में रखा गया है। उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। दोनों पर यह आरोप है कि उन्होंने एक खुद को प्रभावशाली बताने वाले व्यक्ति से मुफ्त में 2.7 करोड़ वॉन (करीब 1.83 लाख डॉलर) के ओपिनियन पोल के नतीजे लिए थे। इसके बदले में जून 2022 के उपचुनाव में पीपल पावर पार्टी के पूर्व सांसद किम यंग-सन को टिकट दिलाने में मदद की गई थी।
इस पर कांग ने कहा, “ली का मानना है कि इंस्पेक्टर जनरल की नियुक्ति लोकतंत्र और जनता की संप्रभुता के सिद्धांत के मुताबिक जरूरी है, क्योंकि हर शक्ति पर संस्थाओं के जरिए नजर रखी जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति इसको लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, इसलिए हम नेशनल असेंबली से अनुरोध करते हैं कि वह जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करे।”
यह स्वतंत्र इंस्पेक्टर जनरल का पद 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे के समय बनाया गया था, लेकिन 2016 से यह खाली पड़ा है।
कानून के अनुसार, नेशनल असेंबली को कम से कम 15 साल का कानूनी अनुभव रखने वाले तीन उम्मीदवारों के नाम सुझाए जाते हैं, जिनमें से राष्ट्रपति एक को चुनते हैं।
ली ने अपने चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था कि वह इस पद को जल्द भरेंगे, लेकिन असेंबली में इस पर अब तक कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
