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रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी

गांधीनगर, 28 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को गांधीनगर स्थित लोक भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसओएस संस्था के कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधी और उनसे मुलाकात की।
 

गांधीनगर, 28 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को गांधीनगर स्थित लोक भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसओएस संस्था के कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधी और उनसे मुलाकात की।

रक्षाबंधन समारोह के तहत बालिकाओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें राखी बांधी। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और जीवन के लक्ष्यों के बारे में बातचीत की।

मुलाकात के दौरान बालिकाओं ने राज्यपाल को अपने हाथों से बनाई गई एक पेंटिंग भी भेंट की। वहीं, राज्यपाल को एसओएस संस्था द्वारा बच्चों की शिक्षा, देखभाल और समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

संस्था जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद करने के लिए उन्हें सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करती है, ताकि वे स्कूल और कॉलेजों में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

कार्यक्रम में साझा की गई जानकारी के अनुसार, एसओएस संस्था के वर्तमान में देश के 21 राज्यों में लगभग 32 केंद्र संचालित हो रहे हैं।

कच्छ-भुज केंद्र भी संस्था के उन प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है, जो बच्चों को शिक्षा, देखभाल और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के माध्यम से सहायता प्रदान करता है।

संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए राज्यपाल देवव्रत ने कहा, "बच्चों को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का कार्य समाज के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।"

कार्यक्रम के दौरान औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

राज्यपाल ने बालिकाओं की शैक्षणिक प्रगति और उनकी महत्वाकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली, जबकि बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए।

गौरतलब है कि भुज स्थित एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की स्थापना वर्ष 2001 में विनाशकारी भूकंप के बाद की गई थी, जिसमें कई बच्चे अपने माता-पिता के संरक्षण से वंचित हो गए थे।

वर्तमान में संस्था बच्चों को देखभाल और शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवा विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवार सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी चला रही है।

रक्षाबंधन समारोह के अंत में राज्यपाल ने सभी बालिकाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन राज्यपाल के साथ बच्चों की बातचीत और उनके द्वारा तैयार पेंटिंग्स की प्रस्तुति के साथ हुआ।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी