महाराष्ट्र के मंत्री का 'पीए' बनकर समाजसेवी से 5 हजार की ठगी
खेड, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के खेड में ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को राज्य के मंत्री योगेश कदम का निजी सहायक (पीए) बताकर एक समाजसेवी से 5,000 रुपये ठग लिए।
आरोपी की पहचान रवीराज चिखले के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता विद्याधर दत्ताराम सालुंखे (56) से 17 सितंबर को 5,000 रुपए लिए थे।
शिकायत के अनुसार, सालुंखे चिपलूण तालुका में कथित रूप से चल रही अवैध पत्थर खदानों का मुद्दा मंत्री के सामने उठाना चाहते थे। उनका आरोप था कि इन अवैध खदानों के कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
इसी दौरान रवीराज चिखले ने खुद को मंत्री योगेश कदम का पीए बताया और मंत्री से मुलाकात कराने तथा काम करवाने का भरोसा दिया।
हालांकि, सालुंखे का आरोप है कि न तो उनकी मंत्री से मुलाकात कराई गई और न ही उनका काम हुआ। भुगतान लेने के बावजूद आरोपी ने अपना वादा पूरा नहीं किया।
शिकायत के आधार पर खेड पुलिस ने 18 अक्टूबर को अपराध क्रमांक 342/2026 के तहत मामला दर्ज किया। केस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 318(2), 318(4) और 319(2) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक आरोपी पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
इसी तरह की एक घटना में दिल्ली पुलिस ने 29 सितंबर को 44 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोपी भालिंदर पाल सिंह पर आरोप है कि उसने खुद को एक प्रमुख राजनीतिक नेता का जीवनसाथी बताकर द्वारका के एक व्यवसायी से 1.69 लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने मैसेजिंग ऐप की प्रोफाइल तस्वीर में अशोक चिह्न का इस्तेमाल किया था, ताकि उसका अकाउंट आधिकारिक लगे। उसने व्यवसायी से कथित तौर पर एक छात्र की फीस जमा करने के लिए तत्काल पैसे मांगे और भरोसा दिलाया कि बाद में यह रकम नेता के कार्यालय से वापस कर दी जाएगी।
व्यवसायी ने आरोपी के कहने पर कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए और दिल्ली से लखनऊ की हवाई टिकट भी बुक कर दी। बाद में उसे एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है।
--आईएएनएस
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