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केरल: सीएमआरएल मामले में पिनाराई विजयन की जांच के लिए गठित एसआईटी

तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनाराई विजयन के सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस दल ने उनके कार्यकाल से संबंधित आरोपों का सामना करने के लिए उनके अधीन काम कर चुके वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आमने-सामने लाया है।
 

तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनाराई विजयन के सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस दल ने उनके कार्यकाल से संबंधित आरोपों का सामना करने के लिए उनके अधीन काम कर चुके वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आमने-सामने लाया है।

एसआईटी को प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। यह क्राइम ब्रांच के एडीजीपी एच. वेंकटेश के पर्यवेक्षण में काम करेगी, जबकि एसपी विक्रम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

टीम में तीन पुलिस उपाधीक्षक, पांच इंस्पेक्टर और साइबर डिवीजन के अधिकारी शामिल हैं।

राज्य सरकार द्वारा सीएमआरएल-एक्सालॉजिक लेनदेन के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पत्र पर कार्रवाई करने के निर्णय के बाद एसआईटी का गठन किया गया। केंद्रीय एजेंसी द्वारा भेजे गए दस्तावेजों पर कानूनी सलाह प्राप्त करने के बाद सरकार ने जांच आगे बढ़ाई।

जांच में ईडी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी, जिनमें कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी टी. वीना की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। विजयन, वीना और पूर्व मंत्री तथा सीपीआई(एम) विधायक पीए मोहम्मद रियास से संबंधित आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी बाकी है। विजयन, रियास और सीपीआई(एम) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

राज्य पुलिस प्रमुख को ईडी का पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के बीच हुई चर्चा के बाद सरकार ने यह कदम उठाया। सतीशन ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं है।

चेन्निथला ने कहा कि सरकार ईडी द्वारा दी गई जानकारी को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी फैसले के आलोक में प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया की समीक्षा की गई है।

एसआईटी के गठन से इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में एक नया आयाम जुड़ गया है। लगभग एक दशक तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रहते हुए विजयन के साथ काम किया। अब विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें उसी पुलिस तंत्र के जांचकर्ताओं के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। विजयन ने 2016 से 2026 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।

सीपीआई (एम) ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और इस मामले को राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ने का संकल्प लिया है। मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

--आईएएनएस

एमएस/