अवैध अप्रवासियों को मतदाता सूची से दूर रखने के लिए एसआईआर आवश्यक: सनबोर शुल्लई
शिलांग, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मेघालय के कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सनबोर शुल्लई ने मंगलवार को राज्य में चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि अवैध अप्रवासियों सहित अपात्र व्यक्तियों को मतदान का अधिकार न मिले।
शुल्लई ने कांग्रेस और उसके इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों पर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के बारे में गलत सूचना फैलाने और मतदाता सूची संशोधन को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस नोट ने इन आरोपों का खंडन किया है।
शुल्लई ने एक बयान में कहा कि संयुक्त प्रेस नोट ने स्पष्ट रूप से साबित कर दिया है कि कांग्रेस और उसके इंडिया गठबंधन के सहयोगी देश की जनता को गुमराह करने के लिए झूठ गढ़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मेघालय को कांग्रेस द्वारा किए जा रहे 'झूठे दावों' से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
शुल्लई ने आगे कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति से कार्य किया है और चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि हमारे राज्य में अवैध अप्रवासियों को मतदान करने का मौका न मिले।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मेघालय के एसआईआर में 23,49,645 मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया गया, जिसकी मसौदा मतदाता सूची अगस्त में प्रकाशित हुई थी। यह प्रक्रिया वर्तमान में नोटिस और सुनवाई के चरण में है, और अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में प्रकाशित होने वाली है।
शुल्लई ने प्रक्रिया की न्यायिक जांच का भी जिक्र किया और एसआईआर से संबंधित आवश्यकताओं की आलोचना करने पर कांग्रेस पर सवाल उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने चुनावी असफलताओं का सामना करने पर चुनाव आयोग और न्यायपालिका सहित संवैधानिक संस्थानों पर हमला करना अपनी आदत बना ली है।
उन्होंने दावा किया कि मेघालय के मतदाताओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को नकार दिया है और अब वे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिसे उन्होंने 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' कहा, उसके झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि चुनावी सूची संशोधन को मतदाता सूचियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई एक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया पर अलग से आपत्ति जताई है, जिससे मतदाता सूची संशोधन एक प्रमुख राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है।
--आईएएनएस
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