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सिंगापुर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए कड़े किए साइबर सुरक्षा नियम, क्वांटम-सेफ सेंटर भी होगा स्थापित

सिंगापुर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। सिंगापुर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए नई और संशोधित आचार संहिता लागू की हैं। सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) ने बताया कि इन नियमों का उद्देश्य मैसेजिंग, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा मजबूत करना है।
 

सिंगापुर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। सिंगापुर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए नई और संशोधित आचार संहिता लागू की हैं। सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) ने बताया कि इन नियमों का उद्देश्य मैसेजिंग, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा मजबूत करना है।

एसपीएफ के अनुसार, सोमवार को इन्हें जारी किया गया। नए नियम 2024 में लागू किए गए उपायों को और मजबूत करते हैं। निर्धारित ऑनलाइन सेवाओं पर दर्ज घोटाले के मामलों में 2024 से 2025 के बीच करीब 37 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

नई मैसेजिंग संहिता के तहत प्लेटफॉर्म को अज्ञात संपर्कों द्वारा किसी उपयोगकर्ता को ग्रुप में जोड़ने से पहले उसकी सहमति सुनिश्चित करनी होगी। संदिग्ध खातों को लेकर चेतावनी देने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को अनजान संपर्कों से आने वाले संदेशों और कॉल को फिल्टर या ब्लॉक करने का विकल्प भी देना होगा।

सोशल मीडिया संहिता के तहत प्लेटफॉर्म को संदिग्ध घोटाला विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाना होगा और विज्ञापनदाताओं की पहचान सत्यापित करनी होगी। सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं को लक्षित वित्तीय विज्ञापन केवल लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं के होने चाहिए।

वहीं, संशोधित ई-कॉमर्स संहिता में लॉगिन और विज्ञापन से जुड़े सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है। प्लेटफॉर्म को इन नए नियमों का पालन 31 जनवरी, 2027 तक करना होगा। प्रस्तावित कानून के तहत नियमों का पालन नहीं करने पर अधिकतम 1 करोड़ सिंगापुर डॉलर (करीब 78.3 लाख अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इस बीच, सिंगापुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसआईटी) और प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम ने 2026 के अंत तक एक क्वांटम-सेफ सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य देश में क्वांटम-सेफ साइबर सुरक्षा व्यवस्था की ओर बदलाव को तेज करना है।

पूर्वोत्तर सिंगापुर स्थित एसआईटी के पुंगगोल परिसर में प्रस्तावित यह केंद्र संगठनों को उनकी साइबर सुरक्षा कमजोरियों का आकलन करने, क्वांटम-सेफ क्रिप्टोग्राफी अपनाने और पोस्ट-क्वांटम दौर के लिए विशेषज्ञ तैयार करने में मदद करेगा।

एसआईटी और आईबीएम ने मंगलवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि जैसे-जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग आगे बढ़ रही है, मौजूदा एन्क्रिप्शन तकनीकें भविष्य में अधिक उन्नत साइबर खतरों के प्रति कमजोर हो सकती हैं।

केंद्र संगठनों को क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिमों के प्रति जागरूक करेगा और उनकी तैयारियों का आकलन करते हुए कमजोरियों की पहचान तथा नई सुरक्षा प्रणालियों में बदलाव के रास्ते तय करने में मदद करेगा।

इसके अलावा, यहां क्वांटम-सेफ तकनीकों के परीक्षण के लिए एक लाइव टेस्टबेड उपलब्ध कराया जाएगा, जहां कंपनियां और शोधकर्ता वास्तविक उपयोग के मामलों के जरिए विभिन्न समाधानों का परीक्षण कर सकेंगे।

केंद्र कार्यकारी शिक्षा, पेशेवर प्रशिक्षण और अनुप्रयुक्त शोध की सुविधा भी देगा। इसके जरिए उद्योग, अकादमिक जगत और सरकार से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाकर सिंगापुर की पोस्ट-क्वांटम साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

--आईएएनएस

केआर/