एयर इंडिया में दिख रही मजबूत प्रगति, एजीएम से पहले बोली सिंगापुर एयरलाइंस
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। एयर इंडिया में करीब 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) ने कहा है कि टाटा ग्रुप एयरलाइन के बदलाव में मजबूत प्रगति देखने को मिली है। यह साझेदारी उसकी लंबी अवधि की मल्टी-हब रणनीति का हिस्सा है।
सिंगापुर एयरलाइंस की ओर से यह बयान शेयरधारकों और निवेशकों की ओर से 24 जुलाई को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) से पहले पूछे गए सवाल के जवाब में दिया गया है।
सवाल के जवाब में सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा कि उसने समीक्षा की आवश्यकता दर्शाने वाले संकेत मिलने के बाद औपचारिक इम्पेयरमेंट असेसमेंट किया, लेकिन निष्कर्ष यह निकाला कि एयर इंडिया में उसके निवेश के मूल्य में किसी प्रकार की कटौती करने की जरूरत नहीं है।
सिंगापुर एक्सचेंज में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, सिंगापुर एयरलाइंस ने दोहराया कि एयर इंडिया में उसकी 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी लंबी अवधि की मल्टी-हब रणनीति का अहम हिस्सा बनी हुई है। कंपनी ने इसके पीछे भारत के विमानन क्षेत्र की मजबूत विकास संभावनाओं का हवाला दिया।
द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन ने एयर इंडिया के भविष्य के फंडिंग, भू-राजनीतिक जोखिम, डिजिटल सेवाओं और ग्राहक अनुभव से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए।
सिंगापुर एयरलाइंस ने स्वीकार किया कि एयर इंडिया अभी भी कई चर्चित चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें भारतीय रुपए का अवमूल्यन, सप्लाई चेन में व्यवधान, पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का बंद होना और जून 2025 का विमान हादसा शामिल है, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी।
इन चुनौतियों के बावजूद सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा कि एयर इंडिया ने कई प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत प्रगति की है। इनमें ग्राहक अनुभव, विमान बेड़े और नेटवर्क का विस्तार, परिचालन प्रदर्शन तथा ग्राउंड और इन-फ्लाइट सेवाओं में सुधार शामिल हैं।
सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा कि यदि भविष्य में एयर इंडिया अतिरिक्त पूंजी की मांग करती है, तो उसका निदेशक मंडल समूह की अपनी पूंजी आवश्यकताओं और एयर इंडिया की कारोबारी रणनीति को ध्यान में रखते हुए उस अनुरोध का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करेगा।
हालांकि, एयरलाइन ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि एयर इंडिया ने अक्टूबर 2025 में 1.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त पूंजी निवेश की मांग की थी।
सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा, "अपनी लेखा नीति के अनुरूप, समूह प्रत्येक रिपोर्टिंग तिथि पर एयर इंडिया में अपने निवेश का इम्पेयरमेंट के किसी भी संकेत के लिए आकलन करता है और जब भी ऐसे प्रमाण मिलते हैं कि एयर इंडिया में उसके निवेश का मूल्य प्रभावित हो सकता है, तब औपचारिक इम्पेयरमेंट परीक्षण किया जाता है।"
सिंगापुर एयरलाइंस ने यह भी कहा कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर इंडिया के निदेशक मंडल में गैर-कार्यकारी और गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, जिससे एयरलाइन एयर इंडिया को रणनीतिक मार्गदर्शन और विमानन उद्योग से जुड़ी विशेषज्ञता प्रदान कर सकती है।
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