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राम मंदिर के पहले सीईओ की नियुक्ति पर कांग्रेस के सवालों को लेकर भाजपा का हमला, 'यह सेना के प्रति नफरत दिखाता है'

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की सेना विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
 

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की सेना विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस का बयान सशस्त्र बलों के प्रति उसकी नफरत को साफ दिखाता है।

उन्होंने कहा, “मैं अचंभित हूं कि जब से भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तानी आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है, तब से कांग्रेस और पाकिस्तान दोनों की नींद हराम हो गई है। जब से हमारे जवानों और हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर कार्रवाई की है, तब से दोनों बेचैन हैं।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता पहले भी सेना का अपमान करने वाली रही है।

उन्होंने कहा, “यह वही कांग्रेस है, जिसने हमारे तत्कालीन सेना प्रमुख को ‘सड़क का गुंडा’ कहा था। आज वही पार्टी ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व करने वाले एक सैन्य अधिकारी की ईमानदारी और नियुक्ति पर सवाल उठा रही है। यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि हमारी सशस्त्र सेनाओं का अपमान है।”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना का नेतृत्व किया था और अब उनका राम मंदिर के सीईओ के रूप में दायित्व संभालना देश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा, “हर राष्ट्रवादी भारतीय के लिए यह खुशी और गर्व का विषय है कि देश की सेवा करने वाले एक सैन्य अधिकारी को राम मंदिर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नरेंद्र मोदी सरकार में सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, लेकिन कांग्रेस इसे समझ नहीं सकती।”

गौरतलब है कि एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला सीईओ नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने पूछा था कि धार्मिक संस्थान के प्रशासन के लिए सैन्य अधिकारी की नियुक्ति की आवश्यकता क्या थी। कुछ नेताओं ने इसे मंदिर में चोरी और दान से जुड़े विवादों से ध्यान हटाने की कोशिश भी बताया था।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रदीप भंडारी ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में संस्थागत स्तर पर भ्रष्टाचार और वसूली का नेटवर्क चलाया जा रहा है तथा अपने आरोपों के समर्थन में कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश कीं।

--आईएएनएस

डीएससी