राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों का हेर-फेर चौंकाने वाला : शशि थरूर (आईएएनएस साक्षात्कार)
नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपए के कथित हेराफेरी पर हैरानी और अफसोस जताया। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था और भरोसे के साथ घोर विश्वासघात बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे कार्यकाल, तृणमूल कांग्रेस से नेताओं के पाला बदलने और अमेरिका-ईरान शांति समझौते जैसे कई मुद्दों पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कांग्रेस सांसद ने राम मंदिर में कथित तौर पर फंड के गलत इस्तेमाल के मुद्दे पर भी बात की और इसे अस्वीकार्य और निंदनीय बताया।
थरूर ने कहा कि यह वाकई चौंकाने वाला है। मंदिर आस्था का केंद्र होता है। लोग वहां जाते हैं, भगवान से प्रार्थना करते हैं और कुछ दान करते हैं। जब आप दान पेटी में कुछ डालते हैं या भगवान के सामने चढ़ावा चढ़ाते हैं, तो वह मंदिर के लिए होता है। यह एक पवित्र मकसद के लिए होता है और इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल पूरी तरह से सिर्फ मंदिर के लिए ही होना चाहिए, किसी और मकसद के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि जब आपको पता चलता है कि लाखों ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए का गबन किया गया है, तो यह भरोसे और आस्था के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
उन्होंने आगे कहा कि करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं के साथ हुए इस धोखे के पैमाने को देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा है। वे यह सोचकर भी हैरान और दुखी थे कि इस तरह की धोखाधड़ी से उन लोगों को कितना बुरा लगा होगा, धोखाधड़ी जो जाहिर तौर पर मंदिर में पैसों के लेन-देन का काम संभालने वाले किसी व्यक्ति ने की थी।
कुछ दिन पहले राम मंदिर के 'चढ़ावे' में वित्तीय गड़बड़ियों का मामला सामने आया। आरोप है कि देश-विदेश के भक्तों से मिले पैसे और गहनों को संभालने वाले कई कर्मचारियों ने निजी फायदे के लिए इनका गबन किया और कथित तौर पर इनसे अपने लिए आलीशान घर बनवाए।
थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर उनकी दमदार मौजूदगी ने भारतीय जीवन, समाज और राजनीति के कई पहलुओं पर अपनी छाप छोड़ी है।
थरूर ने आगे कहा कि उनमें जबरदस्त ऊर्जा और जोश है, उनके पास एक विजन है और वे एक बेहतरीन वक्ता हैं। शायद हिंदी में देश ने जितने भी वक्ता देखे हैं, उनमें से वे सबसे अच्छे वक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने उनसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया था, हालांकि उनके कार्यकाल अलग-अलग थे।
--आईएएनएस
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