केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा का नेतृत्व करेंगे
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के पूसा कैंपस में दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को शपथ दिलाएंगे। यह शपथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में बताई गई 'शक्ति की सप्तधारा' पहल के तहत दिलाई जाएगी।
यह कार्यक्रम अलग-अलग विभागों के रोडमैप, 'लखपति दीदी' पहल के विस्तार और किसानों व ग्रामीण समुदायों के हितों से जुड़े अहम फैसलों पर केंद्रित होगा। बैठक का मकसद 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन को खेती और ग्रामीण विकास के लिए एक साफ और अमल में लाने लायक रोडमैप में बदलना है।
बयान में कहा गया है कि प्रगतिशील किसान, लखपति दीदियां, कृषि निर्यातक और फूड प्रोसेसर भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। 'शक्ति की सप्तधारा' खेती और ग्रामीण भारत के लिए एक अहम दिशा देती है और सरकार लोगों पर केंद्रित कार्यक्रमों, पारदर्शी निगरानी और असरदार तरीके से लागू करने के जरिए इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए काम करेगी।
मंत्री ने कहा, "हमारा मकसद पक्का करना है कि किसानों और ग्रामीण महिलाओं को सीधा फायदा मिले और हमारी कोशिश है 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को पूरा करने में योगदान दें। इस दिशा में, हम विभागों के रोडमैप की समीक्षा करेंगे और उन्हें तेजी से लागू करने के लिए काम करेंगे।"
स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में, पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' का जिक्र किया था, जिसमें खेती और खाद्य उत्पादन को मजबूत करना, फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बढ़ाना जैसी अहम प्राथमिकताएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट और अनिश्चितताओं के बीच किसानों को सब्सिडी वाली कीमतों पर खाद उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने किसानों के लिए, खासकर खेती और समुद्री उत्पादों (सीफूड सहित) के क्षेत्र में, नए ग्लोबल मार्केट और मौके बनाने की जरूरत पर जोर दिया। आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना भी एजेंडे का एक अहम हिस्सा है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय का 'लखपति दीदी' कार्यक्रम 18 अगस्त की बैठक का एक अहम केंद्र होगा। तीन करोड़ ग्रामीण महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, और प्रधानमंत्री ने इस संख्या को छह करोड़ तक ले जाने का नया लक्ष्य तय किया है।
केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम के विस्तार और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अमल के रोडमैप पर चर्चा करेंगे। स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को उनकी आजीविका को मजबूत करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए कौशल विकास और आर्थिक मदद के जरिए सहारा दिया जा रहा है।
महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए मार्केट तक पहुंच को मजबूत करने के मकसद से केंद्रीय बजट में 'शी-मार्ट्स' जैसी पहल भी शामिल की गई हैं। बयान में कहा गया है कि इन पहलों का मकसद महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर मार्केट खोजने और मजबूत ग्रामीण उद्यम बनाने में मदद करना है।
--आईएएनएस
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