आंध्र प्रदेश : किसानों की दुर्दशा पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का अनोखा विरोध-प्रदर्शन, फिर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
अमरावती, 25 मार्च (आईएएनएस)। केला उत्पादन करने वाले किसानों की दुर्दशा के खिलाफ आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी बुधवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। वह केले से भरा एक ट्रक लेकर कडप्पा जिले के कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं।
उन्होंने गिरती कीमतों से प्रभावित किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए खुद केले से लदे ट्रक को कलेक्ट्रेट तक पहुंचाया।
किसानों के सामने मौजूद गंभीर संकट को उजागर करते हुए और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने संयुक्त कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा।
वाईएस शर्मिला रेड्डी ने किसानों की स्थिति को गंभीर बताया और कीमतों में आई भारी गिरावट का जिक्र किया, जो 26,000 रुपए प्रति टन से गिरकर 4,000 रुपए प्रति टन तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी गिरोह बाजार में हेरफेर कर रहे हैं, जिससे किसानों को कई वर्षों से लगातार नुकसान हो रहा है।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष ने कहा कि केले की खेती में प्रति एकड़ 2-3 लाख रुपए का भारी निवेश करना पड़ता है, जिससे औसतन लगभग 30 टन केले की पैदावार होती है। मौजूदा कीमतों पर किसान अपनी बुनियादी लागत भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं।
शर्मिला रेड्डी ने कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के अभाव पर भी प्रकाश डाला, जो किसानों को मजबूरी में अपनी संपत्ति बेचने के लिए विवश करता है। उन्होंने फसल बीमा सहायता की कमी पर चिंता जताई और कहा कि किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर 170 करोड़ रुपए के लंबित बीमा बकाया भी शामिल हैं।
उन्होंने प्रभावी मूल्य स्थिरीकरण उपायों को लागू करने में विफल रहने के लिए लगातार सरकारों की आलोचना की।
जहां एक ओर पिछली सरकार ने 3,000 करोड़ रुपए के स्थिरीकरण कोष की घोषणा की थी और मौजूदा गठबंधन सरकार ने 500 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कोई ठोस वित्तीय सहायता नहीं है।
उन्होंने लाभकारी मूल्य निर्धारण, व्यापारी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, असली पौधों की उपलब्धता और किसानों को मुआवजा देने के लिए मूल्य स्थिरीकरण तंत्र से धन के वितरण का आह्वान किया।
अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए शर्मिला रेड्डी ने कहा कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
--आईएएनएस
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