एनसीपी (एसपी) के सांसदों ने पीएम मोदी से की मुलाकात, एनडीए में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। एनसीपी (शरद पवार) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच बारामती की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पार्टी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
20 मिनट की इस बैठक के बाद सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने बताया कि बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र की नीतिगत समस्याओं, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी कई मांगें रखीं। बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार की सेहत के बारे में पूछा। पवार के काम करने के तरीके और राजनीतिक सफर की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी ऊर्जा और लगन सार्वजनिक जीवन में सभी के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के प्रमुख समाज सुधारकों और सांस्कृतिक हस्तियों में शामिल- महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने का अनुरोध किया।
बीड जिले में सूखे की स्थिति का जिक्र करते हुए सांसद बजरंग सोनवणे ने सरकार से उजानी बांध से मांजरा बांध में पानी छोड़ने का आग्रह किया। इसके अलावा, सांसदों ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद के मकसद से पीएम केयर्स फंड के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया।
डॉ. कोल्हे ने बताया कि प्रधानमंत्री का ध्यान नासिक-पुणे हाई-स्पीड रेलवे लाइन, पुणे-नासिक मेट्रो, छत्रपति संभाजीनगर में पीएम गति शक्ति योजनाओं, जेएनपीटी पोर्ट के विस्तार और कल्याण-मुर्बाद रेलवे लाइन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने की ओर दिलाया गया।
सांसद नीलेश लंके ने कैंसर के इलाज के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर चिंता जताई। साथ ही, चंद्रभागा नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करने और किसानों के लिए प्याज की कीमतों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए, सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में रुकावटें आ रही थीं, इसलिए जनता और निर्वाचन क्षेत्र की जरूरी शिकायतों को प्रधानमंत्री के ध्यान में लाने के लिए सीधे संपर्क करना जरूरी था।
डॉ. कोल्हे ने कहा कि महाराष्ट्र की तरक्की के लिए राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने महाराष्ट्र के चाकन इंडस्ट्रियल जोन में भारी ट्रैफिक जाम और गड्ढों वाली सड़कों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने बताया कि सड़क मरम्मत के लिए 59 करोड़ रुपए का टेंडर मंजूर होने के बावजूद, बुनियादी ढांचे की हालत खराब है, जिसके कारण इलाके में 19 जानलेवा दुर्घटनाएं हुई हैं।
पार्टी के एनडीए में शामिल होने या संभावित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की अफवाहों पर डॉ. कोल्हे ने साफ किया कि यह बैठक पूरी तरह से गैर राजनीतिक थी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई संदेह है, तो उन्हें हमारी बैठक का वीडियो देखना चाहिए। एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई राजनीतिक विषय या चर्चा नहीं हुई।
डॉ. कोल्हे ने बैठक को परिसीमन विधेयक से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि चूंकि संसद में अभी तक ऐसा कोई विधेयक पेश नहीं किया गया है, इसलिए कोई भी अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार क्षेत्रों में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रमुख विकासात्मक मांगों की एक विस्तृत सूची सौंपी।
सोनवणे ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2025-26 की अवधि के लिए लंबित दावों को तुरंत जारी करने, साथ ही 2026-27 सीजन से ऐड-ऑन बीमा कवर को फिर से लागू करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने गन्ना श्रमिकों के बच्चों के लिए मौसमी और मोबाइल स्कूल स्थापित करने, सामुदायिक कल्याण के लिए स्थानीय रोजगार की व्यवस्था करने, और कृषि-आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा कौशल विकास पहलों के लिए लक्षित सहायता के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की।
उन्होंने धाराशिव-बीड-छत्रपति संभाजीनगर रेलवे मार्ग के निर्माण में तेज़ी लाने और क्षेत्र में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय फंड हासिल करने की भी मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बीड में एक मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर, साथ ही अंबाजोगाई में 50-बिस्तर वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं, वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि प्रसंस्करण केंद्रों के विस्तार, तथा केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए बीड के प्रमुख धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन स्थलों पर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के विकास की भी मांग की।
वहीं, एनसीपी(एसपी) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि पार्टी के आठ सांसद लोकसभा में परिसीमन विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे।
--आईएएनए,
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