Aapka Rajasthan

ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 बर्ड फ्लू के सात नए संदिग्ध मामले सामने आए

कैनबरा, 27 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में अधिकारियों ने सोमवार को घातक H5N1 बर्ड फ्लू वायरस के सात नए संदिग्ध मामलों की पुष्टि होने की जानकारी दी।
 

कैनबरा, 27 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में अधिकारियों ने सोमवार को घातक H5N1 बर्ड फ्लू वायरस के सात नए संदिग्ध मामलों की पुष्टि होने की जानकारी दी।

ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में अधिकारियों ने सोमवार को घातक एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस के सात नए संदिग्ध मामलों की जानकारी दी।

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिक उद्योग एवं क्षेत्रीय विकास मंत्री क्लेयर स्क्रिवेन ने पत्रकारों को बताया कि सभी सात संदिग्ध मामले राज्य के दक्षिण-पूर्व स्थित लाइमस्टोन कोस्ट क्षेत्र में पाई जाने वाली ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न (समुद्री पक्षी) प्रजाति में मिले हैं।

उन्होंने बताया कि इन सात संदिग्ध मामलों में से पांच एक ही कस्बे में दो दिनों के भीतर सामने आए। सभी सात पक्षियों के नमूनों की शुरुआती जांच स्थानीय अधिकारियों ने की है, जिसके बाद उन्हें आगे की पुष्टि के लिए ऑस्ट्रेलियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिपेयर्डनेस भेजा गया है। वहां यह जांच की जाएगी कि क्या वायरस का स्थानीय स्तर पर प्रसार हुआ है।

यदि इन मामलों की पुष्टि हो जाती है, तो जून के मध्य में ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि पर पहली बार इस अत्यधिक रोगजनक वायरस की पहचान होने के बाद देश में एच5एन1 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 27 हो जाएगी।

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी स्काई फ्रुएन ने क्लेयर स्क्रिवेन के साथ पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्थानीय प्रशासन उन क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ाएगा, जहां क्रेस्टेड टर्न सहित ऐसे समुद्री पक्षी पाए जाते हैं जिन्हें इस घातक वायरस के संभावित वाहक के रूप में उच्च जोखिम वाली प्रजाति माना जाता है।

इससे पहले सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की कृषि, मत्स्य एवं वानिकी मंत्री जूली कॉलिन्स ने कहा कि देश में अब तक एच5एन1 से बड़े पैमाने पर पक्षियों की मौत की कोई घटना सामने नहीं आई है और न ही पोल्ट्री या कृषि प्रणाली में इस वायरस के संक्रमण के कोई प्रमाण मिले हैं।

उन्होंने कहा कि फिलहाल मानव स्वास्थ्य के लिए इस वायरस का जोखिम कम बना हुआ है।

एच5एन1 एक अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) वायरस है, जो पक्षियों के बीच तेजी से फैलता है। यह एक जूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला) रोग है, हालांकि यह स्तनधारियों के लिए अपेक्षाकृत कम अनुकूलित माना जाता है। इसके बावजूद हाल के वर्षों में स्तनधारियों में संक्रमण के मामले बढ़े हैं और कुछ मामलों में एक स्तनधारी से दूसरे स्तनधारी में संक्रमण भी देखा गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, वर्ष 2003 से दिसंबर 2025 के बीच दुनिया भर में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा के 993 पुष्ट मानव मामलों में से 477 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है।

--आईएएनएस

पीएम