आंध्र प्रदेश: तीन अलग-अलग सड़क हादसों में सात की मौत, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
विशाखापत्तनम, 13 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में तीन सड़क हादसों में सात लोगों की जान चली गई। रविवार को पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की तीन अलग-अलग घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में रविवार तड़के एक ट्रक और ऑटो-रिक्शा की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना दत्तिराजेरु मंडल के शिकारुगांती गांव के पास हुई। ऑटो-रिक्शा में सवार तीनों लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान ऑटो-रिक्शा चालक जी. तिरुपति, टी. आदिनारायण और जी. रामू के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बदंगी मंडल के गजरायुनिवलासा गांव के निवासी ऑटो-रिक्शा चालक तिरूपति, किसान आदिनारायण के साथ गजपतिनगरम से आ रहे थे। मछली व्यापारी रामू पेद्दामनपुरम में वाहन में सवार हुआ। जब तिपहिया वाहन शिकारुगंती चौराहे पर पहुंचा तो तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी।
इस बीच अनाकापल्ली जिले के मकावरम में एक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। हादसा एक ट्रैक्टर के पलटने से हुआ। वाहन खदान ड्रिलिंग कार्य के लिए जा रहा था। विशाखापत्तनम जिले में एक अन्य दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना विशाखापत्तनम के बाहरी इलाके में कुरमनपालम बस डिपो के पास हुई जब एक ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बाइक सवार दो युवकों की मौत पर ही मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश उन राज्यों में से एक है जो बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है। राज्य में हर दिन औसतन 22 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। राज्य में इस साल जनवरी से जून तक 9,194 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 4,058 लोगों की जान चली गई। पिछले साल राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में हर दिन 23 लोगों की जान चली गई। हालांकि इस वर्ष यह संख्या थोड़ी कम हुई है लेकिन सड़क पर होने वाली मौतों की उच्च संख्या चिंता का कारण बनी हुई है।
पुलिस का कहना है कि यातायात नियमों, सुरक्षा मानदंडों का पालन न करना और लापरवाही से गाड़ी चलाना दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। आंकड़े बताते हैं कि दोपहिया वाहन सवारों की मौत सबसे ज्यादा होती है। इस साल अब तक हुई 9,194 दुर्घटनाओं में 3,980 दोपहिया वाहन शामिल थे। मरने वालों में से 1,835 (45.21 प्रतिशत) दोपहिया वाहन सवार थे। दूसरी सबसे अधिक मौतें (669) पैदल चलने वालों की थीं।
--आईएएनएस
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