'गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी', डीजीपी ने राजस्थान पुलिस की छह महीने की रिपोर्ट प्रस्तुत की
जयपुर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस की छह महीने की प्रदर्शन रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, साइबर पुलिसिंग और जांच में महत्वपूर्ण सुधारों पर प्रकाश डाला गया।
राजस्थान पुलिस अकादमी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पेपर लीक रैकेट, मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित अपराध पर कार्रवाई तेज की गई है और प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग को मजबूत किया गया है।
आगे की कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डीजीपी ने कहा कि राजस्थान पुलिस अपराध रोकथाम को प्राथमिकता देकर, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करके अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करके और अधिक कुशल पुलिसिंग के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर पुलिसिंग के प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़ेगी।
शर्मा ने बताया कि वर्ष के पहले छह महीनों में बीएनएस के तहत 94,652 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 99,272 मामले दर्ज किए गए थे, जो 4.65 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
इसी बीच, स्थानीय और विशेष कानूनों के तहत दर्ज मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 49,087 से बढ़कर 51,172 हो गए। यह वृद्धि मुख्य रूप से पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों के खिलाफ की गई स्वतःस्फूर्त कार्रवाई के कारण हुई।
डीजीपी ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान लगभग सभी प्रमुख अपराध श्रेणियों में गिरावट दर्ज की गई। हत्या के मामलों में 4.41 प्रतिशत (703 से 672), हत्या के प्रयास में 11.17 प्रतिशत (1,288 से 1,145), डकैती में 16.28 प्रतिशत (43 से 36) और लूट में 19.93 प्रतिशत (577 से 462) की कमी आई। अपहरण और अगवा किए जाने के मामलों में 4.72 प्रतिशत की कमी आई (5,211 से घटकर 4,965 हो गए), जबकि वयस्कों से जुड़े दुष्कर्म के मामलों में 13.36 प्रतिशत की गिरावट आई (2,088 से घटकर 1,809 हो गए)।
पीओसीएसओ अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में भी 20.90 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो 1,651 से घटकर 1,306 हो गए। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में भी 18.81 प्रतिशत की कमी आई, जो 3,121 से घटकर 2,534 हो गए।
शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस ने चोरी की संपत्ति बरामद करने में उल्लेखनीय सुधार किया है। डकैती के मामलों में बरामदगी दर 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.09 प्रतिशत हो गई है, जबकि सेंधमारी का पता लगाने में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बरामदगी दर 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत हो गई है।
चोरी की संपत्ति की बरामदगी भी 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है।
--आईएएनएस
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