जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. एन.एल. डिसानिया ने की आत्महत्या
जयपुर, 8 जुलाई (आईएएनएस)। जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख (एचओडी) डॉ. एन.एल. डिसानिया ने शहर के खातीपुरा इलाके में स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली। वे संस्थान में एक सीनियर प्रोफेसर और सबसे सम्मानित फैकल्टी सदस्यों में से एक थे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डॉ. डिसानिया का परिवार मंगलवार रात एक शादी समारोह में गया था और वह घर पर अकेले थे। बुधवार सुबह जब परिवार वापस लौटा, तो उन्हें डॉ. डिसानिया एक कमरे में फंदे से लटके मिले। उन्हें तुरंत खातीपुरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमसी अस्पताल भेज दिया गया।
डॉ. डिसानिया ने करीब तीन दशकों तक फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में सेवाएं दीं। मेडिकल शिक्षा और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें काफी सम्मान मिला। कुछ दिन पहले ही उन्होंने एसएमएस अस्पताल में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया था।
डॉ. डिसानिया के निधन की खबर से राजस्थान के मेडिकल जगत में शोक की लहर फैल गई। खबर मिलते ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी, वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने शोक व्यक्त किया।
सूचना मिलते ही पुलिस खातीपुरा स्थित डॉ. डिसानिया के घर पहुंची। जांच के तहत फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
झोटवाड़ा पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मुर्दाघर के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों और परिस्थितियों के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं।
सूत्रों और डॉ. डिसानिया के कुछ परिचितों के मुताबिक, कुछ साल पहले उनके परिवार के एक सदस्य के खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। उनका कहना है कि कानूनी कार्रवाई और अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर चिंता के कारण डॉ. डिसानिया काफी तनाव में थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन दावों और उनकी मौत के बीच कोई संबंध नहीं पाया है। आत्महत्या के कारणों की जांच अभी जारी है।
परिवार के सदस्यों ने इस मामले पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।
डॉ. डिसानिया ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में करीब 30 साल तक सेवाएं दीं, जहां उन्होंने फोरेंसिक मेडिसिन की पढ़ाई और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके परिवार में उनकी पत्नी, मेडिकल की पढ़ाई कर रहा एक बेटा और दो बेटियां हैं।
--आईएएनएस
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