नई दिल्ली में धारा 163 लागू, विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं: दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू है और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
डीसीपी नई दिल्ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नई दिल्ली जिले में सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए धारा 163 लागू है।
पोस्ट में कहा गया है कि बिना अनुमति के जमावड़े, सार्वजनिक भाषण, नारे लगाना, जुलूस, प्रदर्शन, धरने और अन्य विशिष्ट गतिविधियों पर रोक है।
इसमें आगे कहा गया कि शनिवार को होने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और न ही नई दिल्ली जिला पुलिस को ऐसे किसी विरोध प्रदर्शन के बारे में कोई पूर्व सूचना मिली है।
अधिकारियों ने नागरिकों से आदेश का सख्ती से पालन करने और दिल्ली पुलिस का सहयोग करने का भी आग्रह किया, साथ ही कहा कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इनमें से दो एफआईआर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में और एक मामला कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि ये मामले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी एफआईआर में किसी व्यक्ति या संगठन को विशेष रूप से आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों का प्रस्ताव रखने वाले या उनमें भाग लेने वाले आयोजकों और संगठनों का विवरण मामलों में शामिल किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को पुलिस ने 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जब वे बैरिकेड्स पार करके निर्धारित विरोध स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
--आईएएनएस
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