सेबी जल्द सीएएस फ्रेमवर्क पर जारी कर सकता है कंसल्टेशन पेपर: रिपोर्ट
मुंबई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) शनिवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर सकता है। इसमें नियामक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट प्राइस तय करने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव रख सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 24 सितंबर को होने वाली सेबी बोर्ड की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसमें बाजार प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई उन चिंताओं को संबोधित किया जाएगा, जो नए सीएएस मैकेनिज्म के तहत एक्सपायरी वाले दिन डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस की गणना को लेकर हैं।
सेबी की योजना सीएएस को वापस लेने की नहीं है, बल्कि एक्सपायरी वाले दिनों में ऑक्शन मैकेनिज्म के तहत सेटलमेंट प्राइस की गणना की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की है।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पहले स्पष्ट किया था कि “सीएएस फ्रेमवर्क बाजार में बना रहेगा” और बाजार नियामक बाजार प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच कर उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहा है।
3 अगस्त से लागू सीएएस के तहत फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) के लिए पात्र शेयरों में लगातार ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाती है। इसके बाद इन सिक्योरिटीज को करीब 20 मिनट के ऑक्शन में भेजा जाता है, जहां खरीद और बिक्री के ऑर्डर का मिलान करके आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है।
वहीं, गैर-एफएंडओ शेयरों में ट्रेडिंग शाम 3:30 बजे तक जारी रहती है, जबकि स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग 3:40 बजे तक होती है।
नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान भारतीय शेयर बाजार में खासकर डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी वाले दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
पिछले सप्ताह के एक सेशन के दौरान सेंसेक्स का इंडिकेटिव क्लोज कुछ समय के लिए 2.5 प्रतिशत गिर गया, जिसके कारण क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान उसके पुट ऑप्शंस के प्रीमियम में 400-500 प्रतिशत तक उछाल आया। इसी तरह, मंगलवार को भी एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी के पुट ऑप्शंस में कई गुना तेजी देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि सीएएस ने एक्सपायरी वाले दिन सिस्टमेटिक ऑप्शंस स्ट्रैटेजी के लिए ट्रेडिंग को कम अनुमानित बना दिया है। उनका कहना है कि ऑक्शन में सीमित भागीदारी के कारण कुछ ही ऑर्डर क्लोजिंग प्राइस में बड़ा बदलाव कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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