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नामांकन तिथि विवाद: वाईएसआरसीपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विपक्षी उम्मीदवारों के खिलाफ हिंसा और बाधा डालने के आरोपों के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने से इनकार करने वाले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली वाईएसआरसीपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा।
 

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विपक्षी उम्मीदवारों के खिलाफ हिंसा और बाधा डालने के आरोपों के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने से इनकार करने वाले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली वाईएसआरसीपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित मामले की सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ बुधवार को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी।

संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें नामांकन प्रक्रिया के दौरान कथित व्यवधानों के मद्देनजर नामांकन प्राप्त करने की तिथि में एक दिन का विस्तार करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था।

वाईएसआरसीपी का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन, 16 अक्टूबर को, पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और तिरुपति सहित कई क्षेत्रों में उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया था।

याचिका के अनुसार, कडप्पा में पार्टी के एक उम्मीदवार के नामांकन पत्र कथित तौर पर जब्त कर फाड़ दिए गए, जबकि तिरुपति में कई उम्मीदवारों को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कमरों में प्रवेश करने से शारीरिक रूप से रोका गया।

इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए यात्रा कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और सांसद पीवी मिथुन रेड्डी पर हमला किया गया।

वाईएसआरसीपी ने इससे पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में पर्याप्त सुरक्षा वाले वैकल्पिक नामांकन केंद्रों के लिए निर्देश देने की मांग की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सुरक्षित और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफलता संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।

हालांकि, 15 अक्टूबर को एक एकल न्यायाधीश ने पार्टी द्वारा मांगी गई व्यापक राहत देने से इनकार कर दिया, जबकि धमकियों का सामना कर रहे व्यक्तिगत उम्मीदवारों को वैकल्पिक स्थानों पर नामांकन दाखिल करने की अनुमति के लिए संबंधित चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने की अनुमति दी।

वाईएसआरसीपी ने बाद में अपील दायर की और नामांकन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की, जिसमें कहा गया कि कथित बाधाओं के कारण उसके उम्मीदवार चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके।

18 अक्टूबर को याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि नामांकन दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है और इस स्तर पर कोई भी निर्देश देना चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान होगा।

--आईएएनएस

एमएस/