एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का 2027 में आ सकता है आईपीओ : सीएस सेट्टी
मुंबई, 3 जून (आईएएनएस)। देश के सबसे बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की फंड मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एसबीआईएफएमएल) 2027 में एक्सचेंज में लिस्ट हो सकती है। यह जानकारी एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु (सीएस) सेट्टी ने बुधवार को सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस में दी।
कार्यक्रम के साइडलाइन में एनडीटीवी प्रॉफिट से बातचीत करते हुए सेट्टी ने कहा कि एसबीआई अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआईएफएमएल का आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सेबी के पास पहले से ही ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए गए हैं।
सेट्टी ने आगे बताया, "एसबीआई एएमसी की लिस्टिंग कैलेंडर वर्ष 2027 में होने की उम्मीद है।"
एसबीआईएफएमएल का प्रस्तावित आईपीओ 13,000 करोड़ रुपए का होने की उम्मीद है। अगर यह इस साइज के साथ आता है तो भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
यह पूरा प्रस्तावित आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) होने की उम्मीद है। इसमें करीब 20.37 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो कि कुल शेयर होल्डिंग का करीब 10 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित संरचना के तहत, एसबीआई कंपनी में लगभग 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है, जबकि ज्वाइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी एसेट मैनेजमेंट लगभग 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में वर्तमान में एसबीआई की 63 प्रतिशत और अमुंडी की 37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में अस्थिरता बढ़ने के बावजूद, सेट्टी ने भारत के दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण पर आशावादी रुख अपनाया।
उन्होंने कहा, "पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रही है," और साथ ही यह भी कहा कि हर साल व्यवसायों और निवेशकों के लिए नई चुनौतियां लेकर आता है।
हालांकि, उन्होंने निवेशकों से अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव के बजाय भारत की संरचनात्मक विकास गाथा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
सेट्टी ने कहा, “सेंसेक्स को मत देखिए, भारत को एक दीर्घकालिक विकास की कहानी के रूप में देखिए।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत अब पिछड़ी अर्थव्यवस्था नहीं रह गई है और तेजी से 21वीं सदी की एक निर्णायक विकास गाथा के रूप में उभर रहा है।
अगर प्रस्तावित लिस्टिंग सफल होती है, तो एसबीआईएफएमएल, एसबीआई कार्ड्स और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के बाद एसबीआई की तीसरी सूचीबद्ध सहायक कंपनी बन जाएगी।
--आईएएनएस
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