केरल में निवेश करना होगा आसान, कैबिनेट ने 'सरल केरलम' पहल को दी मंजूरी, 19 कानूनों में होगा संशोधन
तिरुवनंतपुरम, 16 सितंबर (आईएएनएस)। केरल मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'सरल केरलम' पहल को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य विभागों में अनुमोदन के समन्वय के लिए एक एकल तंत्र बनाकर निवेश मंजूरी में होने वाली देरी को कम करना है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशान ने कहा कि इस प्रणाली को निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए 19 कानूनों में संशोधन किया जाएगा।
साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नए निवेशों के लिए "एक राज्य, एक अनुमोदन और एक निकाय" स्थापित करना और निवेशकों द्वारा सामना की जाने वाली बाधाओं को कम करना है।
25 करोड़ रुपये से 50 करोड़ रुपये तक के निवेश से संबंधित प्रस्तावों की जांच जिला स्तरीय निकाय द्वारा की जाएगी, जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों का निपटारा राज्य स्तरीय निकाय द्वारा किया जाएगा।
केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) इस नई व्यवस्था का समन्वय करेगा। मुख्यमंत्री सतीशान ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विभागों को दरकिनार नहीं किया जाएगा और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना जारी रखेंगे, लेकिन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा ताकि फाइलें वर्षों तक लंबित न रहें।
उन्होंने कहा कि कुछ निवेश प्रस्ताव सात साल से भी अधिक समय से लंबित थे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट का यह निर्णय विभिन्न विभागों से परामर्श के बाद लिया गया है।
मेस्सी से जुड़े धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में बुधवार सुबह रिपोर्टर टीवी के कार्यालय में पुलिस की तलाशी को लेकर उठे विवाद पर सीएम सतीशान ने कहा कि चैनल का कामकाज नहीं रुका है, और उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई के बारे में चैनल से ही जानकारी मिली थी।
उन्होंने कहा कि मेस्सी प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था और अदालत ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि ये तलाशी उस जांच का हिस्सा थी।
विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन द्वारा पुलिस कार्रवाई की आलोचना का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री सतीशान ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान मंगलम टीवी, एशियननेट और मरुनादन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को याद किया और कहा कि वर्तमान कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है।
बिजली संकट पर मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि बिजली की तत्काल कमी को एक सप्ताह के भीतर दूर कर दिया जाएगा, जबकि सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष जोर देते हुए दीर्घकालिक बिजली नीति पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि केरल जल्द ही अक्टूबर से लेकर अगले मानसून तक बिजली खरीद समझौतों में प्रवेश करेगा।
उन्होंने कर्नाटक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की ओर इशारा करते हुए कहा कि केरल ने इस क्षेत्र का पर्याप्त रूप से उपयोग नहीं किया है और वह कर्नाटक मॉडल का अध्ययन करेगा।
मुख्यमंत्री ने केरल राज्य विद्युत बोर्ड के निजीकरण की तैयारियों से जुड़ी खबरों को भी निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। राज्य में राष्ट्रीय ग्रिड में व्यापक कमी के बीच आपूर्ति संबंधी बाधाएं और बिजली कटौती जारी है। मुख्यमंत्री सतीशान ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च पर कोच्चि में दो एनआईए अदालतें स्थापित की जाएंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की बेटी के आवास से एक डेयरी जब्त किए जाने के संबंध में, उन्होंने कहा कि परिवार से इस बारे में विरोधाभासी रिपोर्ट सामने आई हैं कि क्या ऐसी कोई डेयरी मौजूद थी और सरकार इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना चाहती।
सीपीआई (एम) राज्य समिति की विस्तारित बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि यह अजीब बात है कि पार्टी के पोलित ब्यूरो ने वामपंथी दलों की चुनावी हार की जिम्मेदारी राज्य सचिव एमवी गोविंदन और केरल की जनता पर डाल दी है।
योजना बोर्ड परीक्षा मामले में अपराध शाखा द्वारा पीएससी सदस्यों से पूछताछ को लेकर हुए विवाद पर मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और पीएससी अध्यक्ष और सदस्यों को जांचकर्ताओं के सामने पेश होने से इनकार करने का कोई विशेष अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस जांच के लिए बुलाया जाएगा, उन्हें सहयोग करना होगा।
--आईएएनएस
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