महाराष्ट्र: संजय राउत ने स्कूल किट खरीद में करोड़ों के घोटाले का किया दावा, सीएम को पत्र लिख जांच की मांग
मुंबई, 10 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया।
9 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक आधिकारिक पत्र में राउत ने आरोप लगाया कि अनिवार्य ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने इस मामले में एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पत्र के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड के कई स्थानीय पार्षदों ने राउत से मुलाकात कर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के छात्रों के लिए यूनिफॉर्म, स्वेटर, मोजे, रेनकोट और स्कूल बैग की खरीद में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी।
राज्य के नियमों के मुताबिक, 3 लाख रुपए से अधिक की किसी भी सरकारी खरीद ई-टेंडर प्रक्रिया के जरिए की जानी चाहिए। हालांकि, राउत ने आरोप लगाया कि सोलापुर स्थित जगदंबा रेडीमेड ड्रेसेस सहकारी संस्था को बिना किसी प्रतिस्पर्धी बोली के सीधे करोड़ों रुपए का ठेका दे दिया गया।
राउत ने बताया कि यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसने स्कूल किट की खरीद के लिए 239 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की थी, लेकिन राउत का आरोप है कि पीसीएमसी प्रशासन ने ठेका 814 रुपए प्रति यूनिट की अधिक दर पर दिया। इससे करदाताओं के पैसे से हर किट पर 575 रुपए का अतिरिक्त भुगतान हुआ। राउत ने दावा किया कि इस कथित घोटाले की कुल राशि करीब 400 करोड़ रुपए है।
उन्होंने सीधे तौर पर राज्य मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री पर इस सौदे को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी नारे "न खाऊंगा, न खाने दूंगा" का जिक्र करते हुए राउत ने लिखा, “आपके मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री ने नगर आयुक्त पर बिना किसी निविदा प्रक्रिया के अवैध रूप से इस फर्म को ठेका देने का दबाव डाला।”
राउत ने आरोप लगाया कि यह दबाव जनहित के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि 50 से 55 करोड़ रुपए की बड़ी रकम संबंधित मंत्रियों तक पहुंची। उन्होंने बच्चों के लिए स्कूल सामग्री की खरीद में कथित भ्रष्टाचार को बेहद शर्मनाक बताया।
पत्र के अंत में राउत ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मामले की तत्काल जांच कराने और कथित रूप से शामिल मंत्री तथा पीसीएमसी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े सभी दस्तावेजी सबूत मुख्यमंत्री कार्यालय को जांच के लिए सौंप दिए गए हैं।
--आईएएनएस
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