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महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी कांग्रेस: सचिन पायलट

जयपुर, 25 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोमवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों, मुद्रास्फीति, नीट पेपर लीक विवाद और शासन तथा विदेश नीति से संबंधित मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार जन कल्याण की बजाय राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
 
महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी कांग्रेस: सचिन पायलट

जयपुर, 25 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोमवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों, मुद्रास्फीति, नीट पेपर लीक विवाद और शासन तथा विदेश नीति से संबंधित मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार जन कल्याण की बजाय राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और शासन संबंधी मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।

सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कीमतें बढ़ना अपरिहार्य था तो सरकार ने चुनाव से पहले बढ़ोतरी की घोषणा क्यों नहीं की?

जयपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जहां सरकार नागरिकों को खर्च कम करने और खाना पकाने के तेल और सोने जैसी वस्तुओं की खपत सीमित करने की सलाह देती है, वहीं ईंधन की बढ़ती कीमतें सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की लागत बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने पर मुद्रास्फीति पूरी अर्थव्यवस्था में फैल जाती है और हर घर को प्रभावित करती है।"

उन्होंने आगे कहा कि सरकार मुद्रास्फीति को नजरअंदाज कर रही है और मुख्य रूप से चुनावी राजनीति पर ध्यान केंद्रित कर रही है और विपक्ष को निशाना बना रही है।

पायलट ने नीट पेपर लीक मामले से निपटने के तरीके की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कथित तौर पर यह परीक्षा लगातार तीन वर्षों 2024, 2025 और 2026 में पेपर लीक से प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई को जांच सौंपने से सरकार जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाती।

उन्होंने पूछा, "सरकार दोषियों के पकड़े जाने के बाद ही परीक्षाएं रद्द करती है। ऐसी कितनी अन्य परीक्षाएं होंगी जिनमें अनियमितताएं हुई होंगी जो कभी सामने नहीं आईं?"

पायलट ने तर्क दिया कि यदि सरकार छात्रों और युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो वह जवाबदेही तय करेगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

परीक्षा संबंधी विवादों के भावनात्मक और सामाजिक प्रभाव को उजागर करते हुए पायलट ने कहा कि लगभग 22 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए और उनमें से कई गंभीर तनाव से पीड़ित हुए हैं।

झुंझुनू में हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक गरीब दलित परिवार के छात्र ने आत्महत्या कर ली थी और आरोप लगाया कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जबकि अधिकारी असंवेदनशील बने हुए हैं।

पायलट के अनुसार, सरकार ने मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और छात्रों और युवाओं द्वारा सामना किए जाने वाले दबावों के प्रति बहुत कम चिंता दिखाई है।

पायलट ने घोषणा की कि विपक्ष मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और शासन संबंधी मुद्दों को लेकर चिंताओं को उठाने के लिए राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में एक सतत आंदोलन शुरू करेगा।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता की समस्याओं को हल करने की बजाय सत्ता बरकरार रखने को लेकर अधिक चिंतित है।

विशेष रूप से नीट विवाद पर बोलते हुए पायलट ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के लिए संगठित 'शिक्षा माफिया' जिम्मेदार थे।

उन्होंने कहा, "परीक्षा पत्र लीक करने वाले छात्र नहीं होते। छात्र परीक्षा के पेपर खरीदने के लिए करोड़ों रुपए खर्च नहीं करते। ऐसे ऑपरेशन संगठित सरगनाओं द्वारा चलाए जाते हैं।"

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी