सबरीमाला सोना चोरी मामले में ईडी ने केस दर्ज किया, एसआईटी ने 'तंंत्री' को हिरासत में लिया
तिरुवनंतपुरम, 9 जनवरी (आईएएनएस)। सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर के 'तंंत्री' (पुजारी) कांतारू राजीव को हिरासत में ले लिया। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज किया।
केरल विधानसभा चुनाव से पहले इन दो घटनाओं से इस हाई-प्रोफाइल मामले पर राजनीतिक और जांच का फोकस बढ़ गया है। पिछले कई दिनों से बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद राजीव के पेश न होने पर एसआईटी ने शुक्रवार को उन्हें हिरासत में लिया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि तांत्रिक समन से बच रहा था, जिसके बाद एसआईटी ने सबरीमाला मंदिर से जुड़ी कथित सोने की चोरी के मामले में अपनी बढ़ती जांच के तहत उससे पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले लिया।
इस बीच, ईडी ने एसआईटी द्वारा पहले सबमिट की गई दो चार्जशीट को मिलाकर एक ही मामले में एक एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की। दोनों चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों के नाम हैं। ईडी की ओर से दर्ज किए गए मामले में भी यही लिस्ट होने की उम्मीद है।
अब तक, एसआईटी ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। पीएमएलए के प्रावधानों का इस्तेमाल करके ईडी ने कथित अपराध से मिले पैसे का पता लगाने और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
एजेंसी को अपराध से जुड़ी पाई गई संपत्तियों को अटैच करने और जब्त करने का अधिकार है।
शुरुआती दौर में ईडी को यह उम्मीद है कि वह मुख्य आरोपियों, जिनमें उन्नीकृष्णन पोट्टी, गोवर्धन और पंकज भंडारी शामिल हैं, के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच करेगी।
सबरीमाला सोने की चोरी का मामला मंदिर के धार्मिक महत्व और अपराध के कथित संगठित स्वरूप के कारण पहले ही ध्यान खींच चुका है। इसी बीच, अब ईडी की एंट्री और एसआईटी की जांच तेज होने के साथ आने वाले दिनों में यह मामला एक अहम मोड़ पर पहुंचने वाला है।
--आईएएनएस
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