रुबियो और हेगसेथ ईरान के खिलाफ हमले को लेकर कांग्रेस को जानकारी देंगे: व्हाइट हाउस
वॉशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। ट्रंप सरकार के सीनियर सदस्य मंगलवार (3 मार्च) को ईरान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में हुए सैन्य स्ट्राइक के बारे में कांग्रेस को जानकारी देंगे। ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर वहां के लॉमेकर्स ऑपरेशन के स्कोप और लीगैलिटी को लेकर बंटे हुए हैं।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डायलन जॉनसन ने कहा, “रुबियो, हेगसेथ, डायरेक्टर रैटक्लिफ और चेयरमैन केन मंगलवार, 3 मार्च को कांग्रेस के दोनों चैंबर्स के सभी मेंबर्स को ब्रीफ करेंगे।”
जॉनसन ने कहा कि हाउस और सीनेट ब्रीफिंग को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन लीड करेंगे।
सरकार ने पहले ही खास कमेटियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। जॉनसन ने कहा, “आज (रविवार), युद्ध विभाग ने ईरान में सैन्य एक्शन के बारे में दोनों चैंबर्स में कई राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटियों के बायपार्टिसन स्टाफ को 90 मिनट से ज्यादा समय तक ब्रीफ किया।”
यह आउटरीच ऐसे समय में हो रहा है जब कैपिटल हिल पार्टी लाइन पर रिएक्ट कर रहा है। रिपब्लिकन सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने ट्रंप के फैसले की तारीफ की और ईरान के न्यूक्लियर इरादों और आतंकी समूहों को मिलने वाले समर्थन को “साफ और नामंजूर खतरा” बताया।
डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज ने इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इसे एक बड़ा मिलिट्री हमला बताने से पहले इजाजत नहीं ली, जिससे "अमेरिकी सैनिक ईरान की जवाबी कार्रवाई के लिए कमजोर हो गए हैं।"
हालांकि व्हाइट हाउस के बयान में ऑपरेशनल डिटेल्स नहीं बताई गईं, लेकिन बड़े अमेरिकी अखबारों की रिपोर्टिंग ने कैंपेन की एक बड़ी तस्वीर पेश की है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इजरायली और अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल करके "थ्री-वेव अटैक" किया, जिसने "ईरानी हाई कमांड को खत्म कर दिया और ईरान के एयर डिफेंस को तेजी से तबाह कर दिया।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर एयर सुपीरियॉरिटी हासिल करने के बारे में बताया, जिसमें जेट तेहरान के ऊपर आजादी से उड़ रहे थे और इजरायली एयर फोर्स (आईएएफ) के पूर्व कमांडर आमिर एशेल के हवाले से कहा, "ईरान अभी पूरी तरह से एयरस्ट्राइक के लिए खुला है और पैंतरेबाजी करने की लगभग पूरी आजादी है।"
उसी रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी बेड़े पर हमला किया और राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को लिखा, “मुझे अभी पता चला है कि हमने 9 ईरानी नेवल शिप को नष्ट करके डुबो दिया है, उनमें से कुछ काफी बड़े और अहम हैं। हम बाकियों के पीछे जा रहे हैं, वे भी जल्द ही समुद्र में तैर रहे होंगे!”
वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिकी सेना टारगेट पर फोकस कर रही थी और रॉकेट और मिसाइलों का मकसद “ईरानी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था को खत्म करना” था। एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी ने अखबार को बताया कि ईरान की इंटेलिजेंस सर्विस के हेडक्वार्टर पर हुए हमलों में कम से कम चार सीनियर कमांडर मारे गए।
इस बीच, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ईरान ने खाड़ी देशों के एयरपोर्ट और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए। अखबार ने कहा कि मिडिल ईस्ट के सात एयरपोर्ट पर 3,400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने ड्रोन हमले के बाद विमान रोक दिए।
अमेरिकी संविधान के तहत, कांग्रेस के पास युद्ध की घोषणा करने की शक्ति है, जबकि राष्ट्रपति अक्सर लिमिटेड मिलिट्री ऑपरेशन का ऑर्डर देने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपनी अथॉरिटी पर भरोसा करते रहे हैं। इराक, लीबिया और सीरिया समेत पिछले संघर्षों में युद्ध की पावर को लेकर विवाद सामने आए हैं।
--आईएएनएस
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