Aapka Rajasthan

महाराष्ट्र: रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ाने पर फैसला करेगा आरटीओ

मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन चालकों के बीच संवाद की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को दोहराया कि राज्य के सभी लाइसेंस प्राप्त रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।
 
महाराष्ट्र: रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ाने पर फैसला करेगा आरटीओ

मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन चालकों के बीच संवाद की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को दोहराया कि राज्य के सभी लाइसेंस प्राप्त रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।

राज्य सरकार ने पहले यह लक्ष्य रखा था कि 1 मई 2026 (महाराष्ट्र दिवस) से इस नियम को लागू किया जाएगा, लेकिन अब ड्राइवर यूनियनों की मांग के बाद इस समय सीमा को बढ़ाया जा सकता है।

यह फैसला मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद सामने आया, जिसकी अध्यक्षता परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने की। बैठक में संजय निरुपम (शिंदे-सेना), रिक्शा यूनियन नेता शशांक राव और अन्य यूनियन प्रतिनिधि शामिल थे।

बैठक में कई यूनियनों ने इस पहल का समर्थन किया, लेकिन साथ ही इसे तुरंत लागू करने में व्यावहारिक कठिनाइयों का भी जिक्र किया।

कुछ यूनियनों ने तीन महीने का समय मांगा, जबकि अन्य ने छह महीने की अवधि की मांग की। कुछ प्रतिनिधियों ने ड्राइवरों को ठीक से प्रशिक्षित करने के लिए एक साल तक का समय देने की भी मांग की।

मंत्री सरनाईक ने कहा कि सरकार मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने समय सीमा बढ़ाने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है और मंगलवार को 59 क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतिम समय सीमा तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार शिक्षक और कक्षाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, लेकिन सीखने से इनकार या अहंकार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

परिवहन भवन में मंगलवार को राज्यभर के आरटीओ अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि नियम कब से लागू होगा, ड्राइवरों को कितना अतिरिक्त समय मिलेगा और भाषा दक्षता परीक्षण या प्रशिक्षण का ढांचा क्या होगा?

नए समय सीमा की आधिकारिक घोषणा मंत्री सरनाईक इस बैठक के बाद करेंगे।

इस बीच, शिवसेना के उपनेता संजय निरुपम ने कहा कि मराठी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की पहचान, संस्कृति की आत्मा और गर्व है।

उन्होंने कहा कि भाषा को प्यार से सीखा जाना चाहिए, न कि जबरदस्ती थोपा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है और पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है।

निरुपम ने कहा कि शिवसेना हमेशा मराठी भाषा की रक्षा और प्रचार-प्रसार में आगे रही है और इसी प्रयास से मराठी को राष्ट्रीय स्तर पर शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला है।

उन्होंने कहा कि पार्टी मराठी की गरिमा से कोई समझौता नहीं करेगी, लेकिन साथ ही एक मानवीय और समावेशी दृष्टिकोण भी जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति के लागू होने से मुंबई में हजारों ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।

निरुपम ने कहा कि मुंबई जैसे बहु-सांस्कृतिक शहर में कई ड्राइवर देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं और वे मराठी सीखने के इच्छुक हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय और सही प्रशिक्षण की जरूरत है।

उन्होंने मांग की कि इस सरकारी आदेश को कम से कम एक साल के लिए टाला जाए और इस दौरान ड्राइवरों को मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सहायता दी जाए, ताकि इस मुद्दे को जबरदस्ती नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ हल किया जा सके।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी