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40 लाख रुपए की रिश्वत: सीबीआई ने महाराष्ट्र में दो जीएसटी अधिकारियों और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। सीबीआई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 40 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत एक आईआरएस अधिकारी, एक अन्य जीएसटी अधिकारी और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। सीबीआई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 40 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत एक आईआरएस अधिकारी, एक अन्य जीएसटी अधिकारी और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई अधिकारी ने एक बयान में बताया कि जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त (आईआरएस-2009) विनय कुमार कान्थेती, जीएसटी अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और एक निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

सीबी ने 26 अगस्त को सीजीएसटी अधीक्षक के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की पत्थर खनन कंपनी से संबंधित जीएसटी/रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ मांगा था।

सीबी ने बताया कि बातचीत के बाद यह मांग घटाकर 40 लाख रुपए कर दी गई थी।

आरोपी लोक सेवकों ने राजपूत के माध्यम से रिश्वत की रकम वसूलने की व्यवस्था की थी और शिकायतकर्ता को उनसे संपर्क करने का निर्देश दिया था।

बयान में कहा गया कि सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी निजी व्यक्ति को 40 लाख रुपए का अनुचित लाभ लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

सीबीआई ने बताया कि रिश्वत की रकम स्वीकार करने की बात बाद में सीजीएसटी के आरोपी अधीक्षक और सीजीएसटी के आरोपी अतिरिक्त आयुक्त ने भी स्वीकार की।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

सीबीआई ने बताया कि आरोपियों के परिसरों की तलाशी में 43 लाख रुपए नकद और 90 लाख रुपए के आभूषण बरामद हुए हैं।

इससे पहले एक अलग मामले में, सीबीआई ने गुरुवार को बीएसएनएल, भोपाल के मुख्य अभियंता (विद्युत) और अधीक्षण अभियंता (विद्युत) को 75,000 रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया।

सीबीआई ने इस आरोप पर मामला दर्ज किया है कि बीएसएनएल, भोपाल में तैनात मुख्य अभियंता (विद्युत) और अधीक्षण अभियंता (विद्युत) ने जबलपुर स्थित एक फर्म से अपने और एक सह-आरोपी के लिए 2 लाख रुपए का अनुचित लाभ मांगा था। यह फर्म बीएसएनएल के लिए ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस (ओसीएम) और विद्युत स्थापना संबंधी कार्य करती थी।

सीबीआई ने बताया कि रिश्वत की राशि फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों के लंबित बिलों को संसाधित करने के लिए मांगी गई थी।

सीबीआई ने जाल बिछाकर भोपाल में दोनों आरोपी बीएसएनएल अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा। वे प्रत्येक आरोपी से 2 लाख रुपए की रिश्वत की आंशिक राशि के रूप में 75,000 रुपए की अनुचित रिश्वत लेते हुए पकड़े गए।

सीबीआई ने बताया कि बाद में भोपाल, लखनऊ और कानपुर में आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी ली गई।

--आईएएनएस

एमएस/