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राजस्थान कांग्रेस एक अप्रैल से राज्यव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान शुरू करेगी

जयपुर, 23 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (आरपीसीसी) सभी नवगठित ग्राम पंचायतों के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी, जबकि सभी शहरी स्थानीय निकायों में वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। 1 अप्रैल, 2026 से आरपीसीसी 'संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ' शीर्षक से राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी।
 
राजस्थान कांग्रेस एक अप्रैल से राज्यव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान शुरू करेगी

जयपुर, 23 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (आरपीसीसी) सभी नवगठित ग्राम पंचायतों के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी, जबकि सभी शहरी स्थानीय निकायों में वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। 1 अप्रैल, 2026 से आरपीसीसी 'संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ' शीर्षक से राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी।

इस पहल के तहत, प्रत्येक वार्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके बाद 21 सदस्यीय कार्यकारी समितियों का गठन किया जाएगा। यह घोषणा आरपीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर स्थित राज्य कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए की।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार चुनावी हार के डर से जानबूझकर शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव टाल रही है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न बहाने बनाकर इन चुनावों को स्थगित करने के बार-बार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग के गठन में देरी की और उसे पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए। अब, आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत न होने का हवाला देते हुए, सरकार अदालत के निर्देशों के बावजूद चुनाव टालने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि पर्याप्त संसाधनों के बिना आयोग अपना सर्वेक्षण कैसे पूरा कर सकता है और रिपोर्ट कैसे प्रस्तुत कर सकता है, और कहा कि सरकार पंचायती राज चुनावों में देरी करने के लिए रिपोर्ट स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रही है।

उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सीधा हमला है। डोटासरा ने पंचायती राज चुनावों के लिए कथित तौर पर दोषपूर्ण मतदाता सूची का उपयोग करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पेशल समरी रिवीजन (एसएसआर) प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन सरकार अभी भी अपडेट सूची प्राप्त न होने का हवाला दे रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोषपूर्ण मतदाता सूची जारी करना लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास की कमी को दर्शाता है और सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। इन चिंताओं को दूर करने के लिए, आरपीसीसी 1 अप्रैल से 30 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करेगी।

यह अभियान ग्राम पंचायत मुख्यालयों में स्थानीय कांग्रेस इकाइयों द्वारा, वार्ड और ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक कांग्रेस समितियों द्वारा और जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस समितियों द्वारा चलाया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संगठनात्मक मजबूती प्रदान करना है। इस अभियान के तहत, डोटासरा विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के साथ राज्य भर के जिलों का दौरा करेंगे।

--आईएएनएस

एमएस/