बारामती उपचुनाव: संजय राउत ने पार्थ पवार पर निशाना साधा, भाजपा पर लगाया धमकाने का आरोप
मुंबई, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार द्वारा बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद राजनीतिक माहौल में गरमाहट आ गई है। कांग्रेस द्वारा उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारने के फैसले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और उसके सहयोगियों के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है।
एनसीपी सांसद पार्थ पवार ने कहा था कि कांग्रेस का चुनाव लड़ना महाराष्ट्र में उसके पतन की शुरुआत है। इस पर संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया और वरिष्ठ नेता शरद पवार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मैं शरद पवार से सहमत हूं। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उसे चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है।"
उन्होंने पार्थ पवार की आलोचना पर सवाल उठाते हुए हाल की घटनाओं की याद दिलाई। उन्होंने पूछा, "पार्थ के पिता अजित पवार ने लक्ष्मण जगताप के निधन के बाद पिंपरी-चिंचवड़ उपचुनाव कांग्रेस की मदद से लड़ा था। जब उन्हें तब मदद लेने में दिक्कत नहीं थी, तो अब कांग्रेस क्यों नहीं लड़ सकती?"
शरद पवार ने पहले ही पार्थ के बयान को खारिज करते हुए कहा था कि बड़े राजनीतिक फैसलों पर राय देने के लिए परिपक्वता जरूरी होती है।
यह विवाद बारामती से आगे बढ़कर राहुरी सीट तक पहुंच गया, जहां पूर्व एनसीपी (एसपी) मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें मनाया गया, लेकिन राउत ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "आज की राजनीति में कोई मनाता नहीं, बल्कि धमकाता है।"
उन्होंने भाजपा नेताओं राधाकृष्ण विखे पाटिल और रवींद्र चव्हाण की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या वे कोई महान क्रांतिकारी या स्वतंत्रता सेनानी हैं? वे शायद चीनी मिलों और सहकारी बैंकों की फाइलें लेकर दबाव बनाने गए होंगे। जो डर जाते हैं, वे पीछे हट जाते हैं, लेकिन जो राजनीति में टिकना चाहते हैं, उन्हें लड़ना पड़ता है। अगर लड़ना नहीं है, तो भाजपा के गुलाम बनकर रहो। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा की तानाशाही से नहीं डरती। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र है, ‘ट्रंपशाही’ नहीं।”
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) की स्थिति स्पष्ट करते हुए राउत ने कहा कि पवार परिवार के प्रति व्यक्तिगत सम्मान हो सकता है, लेकिन एमवीए के किसी भी दल ने आधिकारिक रूप से सुनेत्रा पवार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं किया है।
संजय राउत ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार आकाश मोरे को लेकर एक शर्त रखी है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कहा है कि वे अपना उम्मीदवार तभी वापस लेंगे, जब अजित पवार से जुड़े संदिग्ध दुर्घटना मामले में महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज होगी।"
हालांकि, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने पारिवारिक कारणों से उम्मीदवार नहीं उतारा है, वहीं शिवसेना (यूबीटी) का रुख अभी तय नहीं है। राउत ने संकेत दिया कि उद्धव ठाकरे जल्द ही पार्टी की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करेंगे।
उन्होंने अंत में कहा, "बारामती का चुनाव शायद ज्यादा शोर-शराबे के बिना होगा। यहां के मतदाता समझदार हैं और वे अपने फैसले को शांति से मतदान के जरिए व्यक्त करेंगे।"
--आईएएनएस
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