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रोहित पवार ने अजित पवार के प्लेन क्रैश से जुड़ी फर्म को बचाने का लगाया आरोप

मुंबई, 25 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के विमान हादसे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि 28 जनवरी को हुई घातक विमान हादसे में शामिल कंपनी 'वीएसआर' को बचाने की कोशिश की गई।
 
रोहित पवार ने अजित पवार के प्लेन क्रैश से जुड़ी फर्म को बचाने का लगाया आरोप

मुंबई, 25 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के विमान हादसे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि 28 जनवरी को हुई घातक विमान हादसे में शामिल कंपनी 'वीएसआर' को बचाने की कोशिश की गई।

मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने जांच प्रक्रिया में टाइम लिमिट और रिपोर्टों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि हादसे के दिन जब अजित पवार का शव अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा था, उसी समय दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी।

रोहित पवार के अनुसार, उस रिपोर्ट में कहा गया कि फरवरी में वीएसआर कंपनी का ऑडिट किया गया था और उसमें 'लेवल-1 सुरक्षा कमी' नहीं पाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री राममोहन नायडू ने भी उसी दिन बयान जारी कर विमान और पायलट को लगभग क्लीन चिट दे दी, जबकि जांच पूरी भी नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि बाद में आई डीजीसीए की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों का जिक्र किया गया, जिसे उन्होंने 'आंशिक सफलता' बताया। विशेष ऑडिट में उड़ान से पहले आवश्यक दस्तावेजों की कमी, मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का उल्लंघन और संचालन प्रबंधन में लापरवाही जैसी बड़ी कमियां सामने आईं।

रोहित पवार ने कहा, "लापरवाही के कारण हमने एक बड़े नेता को खो दिया। वे केवल उपमुख्यमंत्री नहीं थे, बल्कि जनता के दिलों के मुख्यमंत्री थे। महाराष्ट्र ने एक मजबूत नेता खो दिया है।"

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही राज्यभर में कानूनी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की। अजित पवार ने बताया कि डीजीसीए के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा रही है और वे बारामती जाकर पुलिस निरीक्षक के सामने बैठेंगे और एफआईआर दर्ज होने तक वहां से नहीं हटेंगे।

उन्होंने महाराष्ट्र के नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एफआईआर दर्ज कराएं ताकि मामला दबाया न जा सके। रोहित पवार ने कहा कि जनता और मीडिया के दबाव के कारण ही डीजीसीए को तकनीकी खामियों को स्वीकार करना पड़ा, जिन्हें पहले नजरअंदाज किया गया था।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम