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अपराधियों को जाति से जोड़ना गलत, मांझी के पोस्ट पर रोहिणी आचार्य का हमला

पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा जमुई छेड़छाड़ मामले को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधने के बाद मंगलवार को बिहार में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय मंत्री के पोस्ट पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनकी बातों से उनके मानसिक संतुलन और राजनीतिक समझ के बिगड़ने का पता चलता है।
 

पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा जमुई छेड़छाड़ मामले को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधने के बाद मंगलवार को बिहार में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय मंत्री के पोस्ट पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनकी बातों से उनके मानसिक संतुलन और राजनीतिक समझ के बिगड़ने का पता चलता है।

रोहिणी आचार्य ने सवाल किया कि एक केंद्रीय मंत्री जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने या चिंता जाहिर करने के बजाय सस्ती और भद्दी बयानबाजी का सहारा क्यों ले रहे हैं।

यह विवाद जमुई में एक नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। खबरों के मुताबिक, मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस की कार्रवाई में एक और आरोपी हरे राम यादव भी घायल हो गया।

मांझी ने एक्स पर एक पोस्ट में तेजस्वी की उन पुरानी बातों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने यादवों को अपना भाई बताया था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी अब यह दावा कर सकते हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके भाई पर कार्रवाई की। मांझी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को बख्शेगी नहीं।

रोहिणी आचार्य ने कहा कि अपराधियों की पहचान किसी खास धर्म या जाति से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मांझी पर आरोप लगाया कि वे किसी व्यक्ति के कामों को पूरे यादव समुदाय से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या किसी अपराध के आरोपी व्यक्ति को पूरी जाति का प्रतिनिधि माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि यादव समुदाय के लोग बिहार और देशभर में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं, जिनमें भाजपा, जदयू हम और अन्य शामिल हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी एक व्यक्ति के कामों के लिए पूरी जाति, उसके नेताओं या किसी राजनीतिक पार्टी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

आचार्य ने कहा कि न्याय का मतलब अपराधियों को सजा देना है, न कि पूरी जाति को बदनाम करना या निशाना बनाना।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी