किरेन रिजिजू ने कपिल सिब्बल का पुराना वीडियो शेयर कर कांग्रेस पर साधा निशाना
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने खुद संसद में बताया था कि वोटर लिस्ट से नाम कैसे हटाए जाते हैं।
किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर पोस्ट में कपिल सिब्बल का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें वह केंद्रीय कानून मंत्री के तौर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। रिजिजू ने कहा कि कपिल सिब्बल की यह पुरानी बात बहुत महत्वपूर्ण है और इसने कांग्रेस के 'फर्जी वोट चोरी ड्रामा' को उजागर कर दिया है।
पोस्ट में किरेन रिजिजू ने लिखा, "मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वह हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों को बचाते हुए पाए जाते हैं। पहली बार मुझे वह पसंद आए क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के रूप में संसद में अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी वोट चोरी ड्रामे को उजागर किया है।"
किरेन रिजिजू का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब वोटर लिस्ट और वोटरों के नाम हटाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव चल रहा है।
किरेन रिजिजू द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कपिल सिब्बल सदन में बताते दिख रहे हैं कि किन परिस्थितियों में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा सकते हैं।
वीडियो में कपिल सिब्बल यह कहते दिख रहे हैं, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि नामों को हटाना तीन श्रेणियों में आता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे में चला जाता है, तो उसका नाम हटा दिया जाएगा। वह अभी भी रहेगा लेकिन वह दूसरे विधानसभा क्षेत्र में मतदाता होगा। या उसका नाम दो जगह है, वह अपना निवास बदल सकता है, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम बना रहता है। तब उनमें से एक को रद्द करना पड़ता है। और तीसरा यह कि क्या वह मर गया है। ये तीन श्रेणियां हैं जिनके तहत नाम हटाए जाते हैं।"
उन्होंने आगे बताया कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनके पास क्या विकल्प है। कपिल सिब्बल ने कहा, "जिन व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, वे चुनाव अधिकारी के पास जाकर उनसे अपना नाम दर्ज करने के लिए कह सकते हैं।"
किरेन रिजिजू ने सिब्बल के इसी बयान को सामने रखकर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की एक तय प्रक्रिया है और अगर किसी का नाम गलत तरीके से हटता है तो वह चुनाव अधिकारियों के पास जाकर फिर से रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
--आईएएनएस
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