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नागरिक इलाकों में पाकिस्तानी हमले हैं युद्ध अपराध: मानवाधिकार संगठन

काबुल, 30 मार्च (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी बलों से अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों पर हमले बंद करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है।
 
नागरिक इलाकों में पाकिस्तानी हमले हैं युद्ध अपराध: मानवाधिकार संगठन

काबुल, 30 मार्च (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी बलों से अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों पर हमले बंद करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है।

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (आईएचआरएफ) ने आवासीय क्षेत्रों पर गोलीबारी को "युद्ध अपराध" बताते हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इन उल्लंघनों की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

रिपोर्टों का हवाला देते हुए आईएचआरएफ ने कहा कि पाकिस्तानी बलों ने अफगानिस्तान के पक्तिका, खोस्त और कुनार प्रांतों के नागरिक क्षेत्रों में भारी हथियारों और अंधाधुंध मोर्टार दागे हैं और नागरिकों को निशाना बनाया है।

सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जारी एक बयान में आईएचआरएफ ने कहा, “रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने तथाकथित डूरंड रेखा के आसपास स्थित प्रांतों में नागरिक आबादी वाले इलाकों पर भारी हथियारों और अंधाधुंध मोर्टार दागे हैं। इन हमलों में सीधे नागरिकों और उनके घरों को निशाना बनाया गया है। अब तक कम से कम 17 नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, इन हमलों में घायल हुए हैं। भारी हथियारों के इस्तेमाल के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं, जिससे क्षेत्र में संभावित मानवीय संकट की आशंका बढ़ गई है।”

आईएचआरएफ ने कहा, “आवासीय संपत्तियों और कृषि भूमि पर हमलों से स्थानीय समुदायों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून, विशेष रूप से चार जेनेवा कन्वेंशनों के तहत, किसी भी सशस्त्र संघर्ष के पक्षों को सैन्य और नागरिक लक्ष्यों के बीच स्पष्ट अंतर करना आवश्यक है। नागरिक क्षेत्रों पर अंधाधुंध हमले, जो नागरिकों के जीवन को खतरे में डालते हैं, स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध हैं। हम पाकिस्तानी बलों से तुरंत नागरिक क्षेत्रों पर हमले बंद करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील करते हैं।''

आईएचआरएफ ने मानवीय संगठनों से संघर्ष के कारण विस्थापित हुए परिवारों या घायल लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने की भी अपील की। उसने कहा कि संघर्ष के दौरान निर्दोष लोगों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और हर परिस्थिति में मानव गरिमा और मानवाधिकार सिद्धांतों का पालन आवश्यक है।

इस बीच, स्थानीय अफगान अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से किए गए रॉकेट और भारी हथियारों के हमलों में कुनार प्रांत में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए।

गोलाबारी असदाबाद के पास और आसपास के घरों पर हुई, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

तालिबान के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि यह हमला रविवार को शाम करीब 5 बजे नागरिक घरों को निशाना बनाकर किया गया। उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी 'खामा प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान पर सीमा के पास रिहायशी इलाकों में फायरिंग करने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

एवाई/डीएससी