तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने राहुल गांधी से की मुलाकात, मीनाक्षी नटराजन मामले पर चर्चा
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी से मिलना हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा देने वाला अनुभव होता है।
रेवंत रेड्डी ने लिखा, “अपने नेता राहुल गांधी से मिलना हमेशा प्रेरणादायक रहता है। मैंने उनके साथ तेलंगाना के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उनकी दूरदर्शी सलाह और मार्गदर्शन हम सभी के लिए आगे की दिशा तय करने में मददगार साबित होंगे।”
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस नेता और तेलंगाना मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन खारिज होने का मामला पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल पैदा कर चुका है।
दरअसल, रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया कि उन्होंने अपने हलफनामे में तेलंगाना हाईकोर्ट में लंबित एक मामले का उल्लेख नहीं किया था। इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश भाजपा नेताओं ने दावा किया कि उन्हें इस मामले से जुड़े दस्तावेज तेलंगाना कांग्रेस के ही एक नेता के माध्यम से मिले थे।
इस विवाद को कांग्रेस आलाकमान ने गंभीरता से लेते हुए कथित आंतरिक साजिश (इंटरनल सबोटाज) की जांच के लिए एक समिति गठित की है। साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) को भी आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए हैं कि आखिर पार्टी के भीतर से दस्तावेज कैसे लीक हुए।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है, क्योंकि मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा चुनाव के लिए उनकी पसंद मानी जा रही थीं।
इसी बीच एआईसीसी ने मीनाक्षी नटराजन को पंजाब के लिए पार्टी पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर) में भी शामिल किया है।
मीनाक्षी नटराजन हैदराबाद की एक महिला कांग्रेस नेता द्वारा दर्ज उत्पीड़न (हैरासमेंट) मामले में सात प्रतिवादियों में शामिल हैं। पिछले वर्ष चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (एसीएमएम) अदालत ने उन्हें नोटिस जारी कर निजी शिकायत पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
अदालत का यह नोटिस, जो राज्य कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन में तामील हुआ था, उनके राज्यसभा नामांकन खारिज होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वहीं, शिकायत दर्ज कराने वाली पूर्व महिला पार्षद ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर दुख जताया और दावा किया कि 6 जून को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का निजी सहायक अदालत पहुंचकर इस मामले से जुड़े दस्तावेज लेकर गया था। हालांकि उन्होंने संबंधित नेता का नाम बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि अदालत परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर इसकी पुष्टि की जा सकती है।
महिला ने अपनी शिकायत में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर मीनाक्षी नटराजन समेत सात कांग्रेस नेताओं को प्रतिवादी बनाया था। इस मामले में नटराजन और अन्य नेताओं ने अदालत में जवाबी हलफनामे दाखिल किए हैं। नटराजन ने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्हें दुर्भावनापूर्ण मंशा के तहत मामले में पक्षकार बनाया गया है।
--आईएएनएस
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