मध्य प्रदेश: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या पर सियासत तेज, कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
भोपाल, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भोपाल में बुधवार को एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की उनके घर में हत्या के बाद मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी कांग्रेस ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल किया कि जब राज्य की राजधानी में एक वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी की उनके घर के अंदर हत्या हो सकती है तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित पनघट कॉलोनी के पीछे अपने घर में मृत पाए गए। आरोप है कि गला रेतकर उनकी हत्या की गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर भोपाल में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अग्रवाल की हत्या 'सरकार की नाक के नीचे' हुई है। उन्होंने सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधा।
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "देश के 'सबसे असफल गृह मंत्री' होने का गौरव हासिल करने के बाद भी यदि सत्ता, व्यवस्था या सरकार में कोई सुधार नहीं होता है तो आपका पूरा तंत्र 'बेबस और बेशर्म' हो चुका है।"
उन्होंने कहा कि जनता सरकार को सबक सिखाएगी और उसे सत्ता से बाहर करेगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर कर दिया है।
उमंग सिंघार ने कहा, "इस सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।"
उन्होंने सवाल किया, "जब प्रदेश की राजधानी में एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?"
सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य को 'अपराधियों के भरोसे' छोड़कर मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।
इस बीच, पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राकेश अग्रवाल के घर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की।
पुलिस की जांच फिलहाल वरुण कुमार नाम के एक केयरटेकर पर केंद्रित है। उसे तीन दिन पहले ही एक एजेंसी के जरिए 24 घंटे के केयरटेकर और मेल नर्स के रूप में काम पर रखा गया था। घटना के बाद से वह लापता है और पुलिस को शक है कि वह फरार हो गया है। खबर के मुताबिक, एक जोड़ी कपड़ों को छोड़कर उसका बाकी सामान भी घर से गायब मिला है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, राकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी अलग-अलग कमरों में सोते थे। तड़के करीब 4 बजे उनकी पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने पाया कि उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था।
इसके बाद उन्होंने एक अन्य केयरटेकर अमर को फोन किया। अमर ने आकर दरवाजा खोला। इसके बाद उन्होंने राकेश अग्रवाल के कमरे को देखा तो उसका दरवाजा भी बाहर से बंद मिला। बाद में अग्रवाल कमरे के अंदर मृत पाए गए। आरोप है कि उनका गला रेता गया था।
एसीपी जोन-1 अंकिता खटारकर ने आईएएनएस को बताया कि रातीबड़ पुलिस को सुबह करीब 5.30 बजे हत्या की सूचना मिली।
उन्होंने कहा, "सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीन दिन पहले एक एजेंसी के जरिए एक केयरटेकर को काम पर रखा गया था और घटना के बाद से वह फरार है।"
खटारकर ने बताया कि हत्या में कथित रूप से इस्तेमाल किया गया हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, "हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। आगे की जांच जारी है और लापता केयरटेकर की तलाश की जा रही है।"
पुलिस अब लापता केयरटेकर का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही हत्या की वजह और घटना से पहले तथा हत्या के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है।
--आईएएनएस
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