जम्मू-कश्मीर में यात्राएं फिर से शुरू, वैष्णो देवी में 18,000 और अमरनाथ गुफा में 4,000 श्रद्धालु पहुंचे
श्रीनगर, 26 जुलाई (आईएएनएस)। खराब मौसम के कारण छह दिन तक बंद रहने के बाद जम्मू-कश्मीर में धार्मिक यात्राएं शुरू हो गई हैं। इसके बाद 18,000 से ज़्यादा लोगों ने माता वैष्णो देवी मंदिर में मत्था टेका और 4,000 लोगों ने अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन किए।
अधिकारियों ने बताया कि छह दिनों तक बंद रहने के बाद शनिवार को दोनों यात्राएं फिर से शुरू हो गईं। शनिवार शाम तक 4,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ की पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की, जबकि जम्मू इलाके के कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में 18,000 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि रियासी जिले में शिव खोरी मंदिर की यात्रा आज लगातार सातवें दिन भी बंद रही।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जम्मू-कश्मीर में 19 से 24 जुलाई के बीच खराब मौसम की भविष्यवाणी के बाद 18 जुलाई को श्री अमरनाथ जी, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी समेत सभी यात्राएं रोक दी गई थीं।
3 जुलाई को शुरू हुई 57 दिनों की यात्रा के दौरान अब तक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र गुफा के लगभग चार लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सुबह के समय गुफा मंदिर इलाके में मौसम सूखा था, लेकिन दोपहर में हल्की बारिश हुई और यात्रा सुचारू रूप से चलती रही।
अधिकारियों ने बताया कि वैष्णो देवी में फंसे और अलग-अलग होटलों व धर्मशालाओं में रुके 18,000 तीर्थयात्रियों ने शनिवार शाम तक पुराने रास्ते से पवित्र मंदिर में दर्शन किए।
हालांकि, पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रा के लिए नया रास्ता बंद कर दिया गया था। शाम को भारी बारिश के कारण यात्रा रोक दी गई थी।
मौसम में सुधार और उधमपुर-रामबन हिस्से में कई जगहों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण बंद हुए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के दोबारा खुलने के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई।
शनिवार को तड़के करीब 2.40 बजे, 6,269 श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा के बीच 223 गाड़ियों के काफिले में भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। जम्मू से पहलगाम रूट के लिए कोई काफिला नहीं निकला।
पिछले कुछ दिनों में कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हुआ और नदियों व नालों में जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज़ से यात्रा को रोक दिया।
यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होने वाली है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में हाल की बारिश के कारण मरम्मत और रखरखाव का काम करने के लिए पहलगाम रूट से अमरनाथ यात्रा को "कुछ समय के लिए" रोक दिया जाएगा।
कश्मीर के डिविज़नल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा, "हाल की बारिश के कारण मरम्मत और रखरखाव के काम की जरूरत को देखते हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा बालटाल रूट से जारी रहेगी, जबकि पहलगाम रूट तीर्थयात्रियों के लिए कुछ समय के लिए बंद रहेगा।"
उन्होंने कहा कि हाल की बारिश की वजह से पहलगाम रूट पर तुरंत मरम्मत और बहाली के काम की ज़रूरत पड़ गई है। यात्रा बिना किसी रुकावट के चलती रहे, इसके लिए बालटाल रूट पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।"
--आईएएनएस
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