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'प्रमुख हिंदू त्योहारों का सम्मान करें, छात्रों की भावनाओं का ख्याल रखें', कर्नाटक सरकार से भाजपा की अपील

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख हिंदू त्योहारों और कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार करते समय ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार करें।
 

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख हिंदू त्योहारों और कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार करते समय ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार करें।

मंगलुरु के एक निजी कॉलेज में दशहरा त्योहार के दौरान परीक्षा आयोजित करने को लेकर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि छात्रों द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे समय में जब राज्य सरकार खुद दशहरे को राजकीय उत्सव के रूप में मना रही है, तो शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और उन्हें उचित महत्व देना चाहिए।

बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि दशहरे जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कार्यक्रम पहले से तैयार किया जाना चाहिए था, ताकि शैक्षणिक अनुशासन और छात्रों के भविष्य पर कोई असर न पड़े।

उन्होंने सवाल उठाया कि एक समुदाय के त्योहारों के लिए व्यवस्था की जाती है, जबकि दशहरे के दौरान परीक्षा आयोजित की जा रही है, ऐसा रवैया अस्वीकार्य है।

भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों पर तुरंत और उचित प्रतिक्रिया देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनकी चिंताओं और परेशानियों को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर लगे आरोपों पर भी चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

बता दें कि मंगलुरु में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और छात्रों ने सोमवार को एक कॉलेज के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। वे दशहरा की छुट्टियों के दौरान सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षाओं का बहिष्कार किया, कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर दिया और पुलिस वाहनों को रोक दिया, जिसके बाद पुलिस ने कई एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों को हिरासत में लिया।

यह विरोध कॉलेज प्रबंधन के 12 से 28 अक्टूबर तक सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने के फैसले के खिलाफ था, जबकि छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई थी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि दशहरा उत्सव में शामिल होने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए परीक्षाओं को स्थगित किया जाए।

मंगलुरु के बेंदूरवेल में स्थित कॉलेज को परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रों की आपत्तियों के बारे में सूचित किया गया था। छात्रों ने कहा कि उन्होंने परीक्षा कार्यक्रम बदलने की मांग को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन आरोप है कि प्रबंधन ने उनकी मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया।

छात्रों के एक वर्ग ने परीक्षाओं का बहिष्कार कर कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना दिया। एबीवीपी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और मंगलुरु जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।

कई छात्राओं ने परीक्षा कार्यक्रम पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि मंगलुरु में दशहरा एक महत्वपूर्ण त्योहार है और वे उत्सव में भाग लेना चाहती हैं। एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा, "कर्नाटक में दशहरा एक बड़ा त्योहार है, और हम इसका हिस्सा बनना चाहते हैं। कॉलेज इस दौरान नियमित कक्षाएं जारी रख सकता है, हमें कोई आपत्ति नहीं है। हिंदू होने के नाते, हम मंदिर जाना चाहते हैं, उत्सव में भाग लेना चाहते हैं और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। क्या हमारी कोई भावना नहीं है?"

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस