आरबीआई 26 मई को आयोजित करेगा 5 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया स्वैप ऑक्शन
मुंबई, 20 मई (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को घोषणा की कि वह बैंकिंग सिस्टम में तरलता बढ़ाने के लिए 26 मई को 5 अरब डॉलर का यूएसडी/आईएनआर बाय-सेल स्वैप ऑक्शन (नीलामी) आयोजित करेगा। यह कदम बदलती बाजार परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह ऑक्शन तीन साल की अवधि के लिए किया जाएगा और 26 मई को सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे के बीच आयोजित होगा।
आरबीआई ने बताया कि नियर-लेग या स्पॉट सेटलमेंट की तारीख 29 मई 2026 तय की गई है, जबकि फार-लेग मैच्योरिटी की तारीख 29 मई 2029 होगी।
आरबीआई ने कहा कि वित्तीय प्रणाली में मौजूदा और बदलती तरलता स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है।
इस स्वैप व्यवस्था के तहत बैंक अमेरिकी डॉलर आरबीआई को बेचेंगे और साथ ही स्वैप अवधि पूरी होने पर उतनी ही मात्रा में डॉलर वापस खरीदने पर सहमत होंगे।
यह व्यवस्था केंद्रीय बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करते हुए बैंकिंग सिस्टम में रुपए की तरलता डालने की सुविधा देती है।
यह ऑक्शन मल्टीपल प्राइस आधारित फॉर्मेट में होगा, यानी सफल बोलीदाताओं को उनके द्वारा बताए गए प्रीमियम के आधार पर स्वैप आवंटित किए जाएंगे।
बाजार सहभागियों को अपनी बोली उस प्रीमियम के आधार पर देनी होगी, जिसे वे आरबीआई को भुगतान करने के लिए तैयार हैं। यह प्रीमियम पैसे के रूप में दो दशमलव तक व्यक्त किया जाएगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऑक्शन विंडो बंद होने के बाद बोलियों को प्रीमियम के घटते क्रम में व्यवस्थित किया जाएगा और कट-ऑफ प्रीमियम तय किया जाएगा। कट-ऑफ प्रीमियम से कम बोली लगाने वालों की बोलियां खारिज कर दी जाएंगी।
केवल अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंक ही इस ऑक्शन में भाग लेने के पात्र होंगे। न्यूनतम बोली आकार 1 करोड़ डॉलर तय किया गया है और इसके बाद 10 लाख डॉलर के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी।
बैंकों को कई बोलियां लगाने की अनुमति होगी, लेकिन किसी एक प्रतिभागी द्वारा लगाई गई कुल बोली ऑक्शन की निर्धारित राशि से अधिक नहीं हो सकती।
लेनदेन के पहले चरण में बैंक ऑक्शन की तारीख पर फाइनेंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) की रेफरेंस दर पर डॉलर आरबीआई को बेचेंगे।
आरबीआई सफल बोलीदाताओं के चालू खातों में रुपए की राशि जमा करेगा, जबकि बैंक केंद्रीय बैंक के निर्धारित खाते में डॉलर ट्रांसफर करेंगे।
स्वैप अवधि समाप्त होने पर भाग लेने वाले बैंक तय प्रीमियम के साथ रुपए की तरलता वापस करेंगे और बदले में उन्हें अमेरिकी डॉलर वापस मिल जाएंगे।
--आईएएनएस
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