राष्ट्रपति भवन ने 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी को रद्द करने का आदेश वापस लिया (लीड-1)
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन ने अपना फैसला बदलते हुए कुछ ही घंटों में वह आदेश वापस ले लिया, जिसके तहत बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की फुल रिहर्सल के लिए शनिवार को फोरकोर्ट में होने वाली 'गार्ड बदलने की रस्म' को रद्द कर दिया गया था।
राष्ट्रपति भवन के बयान वापस लेने को प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर अनिश्चितता के तौर पर देखा जा रहा है।
समारोह को रोकने की घोषणा के बाद, राष्ट्रपति भवन ने दोपहर में एक नया बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि शुक्रवार को 'इस शनिवार को गार्ड बदलने का समारोह नहीं होगा' विषय पर जारी प्रेस विज्ञप्ति को वापस ले लिया गया है।
आमतौर पर, राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में 30 मिनट का गार्ड बदलने का समारोह हर शनिवार सुबह आयोजित किया जाता है।
अगर शनिवार को कोई सरकारी छुट्टी हो या राष्ट्रपति भवन द्वारा ऐसा सूचित किया जाए, तो यह समारोह आयोजित नहीं किया जाता है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, गार्ड बदलने का समारोह एक सैन्य परंपरा है। इसके तहत फोर्ट, पैलेस और रक्षा प्रतिष्ठानों पर गार्ड और संतरी समय-समय पर बदलते रहते हैं ताकि सैनिकों की एक नई टुकड़ी कार्यभार संभाल सके।
राष्ट्रपति भवन में, सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन भारत के राष्ट्रपति के लिए औपचारिक गार्ड और संतरी उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार है।
समारोह को और अधिक आकर्षक और जनता के अनुकूल बनाने के लिए इसमें बदलाव किए गए हैं और इसका स्थान भी बदला गया है। इसमें राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड्स (पीबीजी) द्वारा अपनी औपचारिक पोशाक में घुड़सवारी का प्रदर्शन शामिल किया गया है। साथ ही, समारोह स्थल को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां जनता की पहुंच आसान है।
समारोह की शुरुआत पीबीजी सैनिकों द्वारा होती है, जो अपने सजे-धजे घोड़ों पर सवार होकर जयपुर कॉलम के पीछे से आगे बढ़ते हैं। इस दौरान आर्मी ब्रास बैंड धुन बजाता है।
इसके बाद, परेड कमांडर मार्च करते हुए आते हैं और उनके 'कमांड' पर गार्ड मार्च करते हैं।
निरीक्षण के बाद, नया गार्ड पुराने गार्ड के साथ अपनी जगह लेता है और दोनों गार्ड राष्ट्रीय सलामी का आदान-प्रदान करते हैं। इसके बाद, नया गार्ड, गार्ड और संतरी की ड्यूटी संभालता है।
समारोह का समापन पीबीजी द्वारा घुड़सवारी के प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ होता है।
--आईएएनएस
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