ज्वालामुखी मंदिर में आत्मदाह के बाद राजस्थान के एक व्यक्ति की मौत
झालावाड़, 18 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के झालावाड़ के रहने वाले एक 40 वर्षीय व्यक्ति की गुरुवार शाम हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित शक्तिपीठ 'मां ज्वालामुखी मंदिर' में कथित तौर पर खुद को आग लगाने के बाद मौत हो गई।
मृतक की पहचान गजानंद के बेटे रामदास के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि उसने शाम करीब 7 बजे मंदिर के गर्भगृह के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इससे उसका शरीर करीब 70 प्रतिशत तक जल गया।
मौके पर मौजूद मंदिर के कर्मचारियों और श्रद्धालुओं ने पानी डालकर आग बुझाई। रामदास को पहले ज्वालामुखी अस्पताल ले जाया गया और बाद में टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
देहरा के एसपी संदीप धवल ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मंदिर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया और सबूत इकट्ठा किए। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें रामदास के इस कदम के पीछे की परिस्थितियां और संभावित कारण शामिल हैं।
108 एम्बुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, रामदास रास्ते में होश में था और उसने अपनी पहचान बताई। उसने उन्हें बताया कि वह पूजा करने के लिए अकेला आया था। हालांकि उसे साफ-साफ बोलने में दिक्कत हो रही थी, फिर भी वह अपनी पहचान और अन्य जानकारी बताता रहा।
परिवार वालों ने बताया कि रामदास करीब 15 महीने पहले एक झगड़े के बाद घर से चला गया था। उसके चाचा प्रह्लाद चंदेल ने बताया कि परिवार ने उसे कई जगहों पर ढूंढा लेकिन उसका पता नहीं चल सका। उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिशें भी नाकाम रहीं।
रामदास के पिता गजानंद की मौत करीब 10 साल पहले हो गई थी। रामदास पहले कबाड़ का कारोबार करता था और बाद में उसने झालावाड़ में जेल रोड पर कपड़ों की दुकान चलाई। उसकी शादी झालावाड़ नगर परिषद में सफाई कर्मचारी सलोनी से हुई थी। दंपति का 12 साल का बेटा रुद्र है, जबकि उनकी बेटी की पहले ही मौत हो चुकी थी।
कोतवाली पुलिस ने गुरुवार रात परिवार वालों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वे हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए।
--आईएएनएस
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