Aapka Rajasthan

राजस्थान: एटीएस ने नकली आधार कार्ड रैकेट का किया भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जयपुर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने नकली आधार रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
 
राजस्थान: एटीएस ने नकली आधार कार्ड रैकेट का किया भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जयपुर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने नकली आधार रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्‍य आरोपी को गिरफ्तार किया।

आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। हनुमानगढ़ जिला पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में भादरा में एक अवैध आधार नामांकन केंद्र का भंडाफोड़ किया और मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

यह अभियान एटीएस जयपुर इकाई को मिली एक गोपनीय सूचना के बाद चलाया गया था, जिसमें बताया गया था कि भादरा में आर्य समाज धर्मशाला के पास स्थित एक केंद्र पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस और एजीटीएफ) ​​दिनेश एमएन ने बताया कि यह अभियान एटीएस के महानिरीक्षक राजेश सिंह और उप महानिरीक्षक योगेश यादव की देखरेख में चलाया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव ने फील्ड स्तर पर नेतृत्व प्रदान किया।

छापेमारी के दौरान, आरोपी अन्य अधिकृत ऑपरेटरों के लॉगिन क्रेडेंशियल्स (पहचान विवरण) का उपयोग करके केंद्र चलाता हुआ पाया गया। पुलिस ने रबर से बने नकली फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों (आइरिस) की मुद्रित इमेज बरामद कीं, जिनका उपयोग बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणालियों को चकमा देने के लिए किया जाता था।

आरोपी अन्य ऑपरेटरों के नाम पर नामांकन रसीदों पर फर्जी हस्ताक्षर करता हुआ भी पाया गया। परिसर से ऐसी सैकड़ों रसीदें और दस्तावेज जब्त किए गए। अधिकारियों ने इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए, जिनमें एक लैपटॉप और प्रिंटर, एक आइरिस स्कैनर और फिंगरप्रिंट/हथेली स्कैनर, एक जीपीएस डिवाइस और कैमरा, फिंगरप्रिंट के सांचे और एक मोबाइल फोन शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि इस अवैध धंधे के जरिए बनाए गए आधार कार्डों का इस्तेमाल नकली सिम कार्ड हासिल करने, फर्जी बैंक खाते खोलने और साइबर अपराध या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में किया गया हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि समय पर मिली खुफिया जानकारी और त्वरित कार्रवाई की मदद से एक संभावित गंभीर सुरक्षा खतरे को टाल दिया गया।

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच भिरानी पुलिस थाने के थानाधिकारी को सौंप दी गई है।

आरोपी से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता नकली आधार कार्डों के लाभार्थियों की पहचान करने और अंतर-राज्यीय या संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के साथ संभावित संबंधों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। जब्‍त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी चल रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी