सीएम भजन लाल शर्मा ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए
जयपुर, 21 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध धर्मांतरण में शामिल लोगों और राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
बांसवाड़ा में एक जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने जिले में चंदन के जंगलों को विकसित करने की भी घोषणा की। इसके तहत 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत हर तय वन क्षेत्र में चंदन के 11,000 पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने वन विभाग को पौधारोपण अभियान में तेजी लाने और वनों के संरक्षण व विस्तार की दिशा में प्रयासों को और तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर निरीक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे ज्यादा गंभीरता से करें और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों के अपने तीन-दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा कलेक्ट्रेट सभागार में एक जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने जिले में लागू की जा रही सरकारी योजनाओं, बजट घोषणाओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और जन कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
सीएम शर्मा ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समर्पण के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक जमीनी स्तर पर बिना किसी देरी के पहुंच सके।
बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त दुर्गेश सिंह रावत के कामकाज पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद स्थानीय स्वशासन विभाग ने आदेश जारी कर आयुक्त को 'पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा' स्थिति में डाल दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जमीनी दौरे बढ़ाएं, स्थानीय मुद्दों का स्वतंत्र रूप से संज्ञान लें, और नियमित निगरानी व प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
मानसून के मौसम से पहले जल आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए सीएम शर्मा ने अधिकारियों को नहरों, तालाबों, जलाशयों और अन्य जल निकायों की उचित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है। माही नदी के पानी की हर बूंद का उचित उपयोग होना चाहिए और वह व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पेयजल आपूर्ति और सिंचाई सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान' के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि जल संरक्षण, सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित दीर्घकालिक परियोजनाओं को गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन पर राज्य सरकार के रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध धर्मांतरण में शामिल लोगों के खिलाफ और राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निरीक्षण और ग्रामीण दौरों को गंभीरता से लें, और फील्ड दौरों के दौरान स्थानीय लोगों की चिंताओं और जरूरतों के प्रति सतर्क रहें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगे निर्देश दिया कि वे मौजूदा शैक्षणिक सत्र के दौरान, विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में, स्कूलों में दाखिला बढ़ाने और छात्रों को स्कूल में बनाए रखने के लिए ठोस और लगातार प्रयास करें।
--आईएएनएस
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