केजरीवाल के नेतृत्व पर गंभीर सवाल: पंजाब भाजपा ने आप सांसदों के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी
चंडीगढ़, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि इस घटनाक्रम से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठते हैं और यह उनके बढ़ते निरंकुश कार्यशैली को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर इस्तीफे पार्टी के भीतर गहरी दरारों को उजागर करते हैं और केजरीवाल के संगठन चलाने के तरीके के खिलाफ बढ़ते असंतोष का संकेत देते हैं। शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना करते हुए उन्हें 'कठपुतली' बताया, जो हमेशा की तरह, उठाई जा रही चिंताओं को दूर करने के बजाय अप्रासंगिक बयान देकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
शर्मा ने यह भी कहा कि स्वाति मालीवाल का जिस तरह से अपमान किया गया, साथ ही राघव चड्ढा से जुड़ा विवाद, गंभीर मुद्दे हैं जिन्हें जनता आसानी से नहीं भूलेगी। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए शर्मा ने एक बयान में कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से पंजाब केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में धोखे का शिकार रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब की जनता ने इस उम्मीद से मतदान किया था कि राज्य पर पंजाबियों का शासन होगा, लेकिन इसके विपरीत हुआ है।
इस बीच, राज्य पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल पंजाब में पार्टी मजबूत होगी, बल्कि आम आदमी पार्टी के पतन की शुरुआत भी होगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी को देश की सबसे कम समय तक सक्रिय रहने वाली पार्टियों में से एक बताया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में जाखड़ ने लिखा कि आप की डूबती नाव को समय रहते छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले सभी सांसदों का हार्दिक स्वागत है। आप के कुशासन, भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण पंजाब की जनता पार्टी से निराश हो चुकी है। इसके अलावा, पार्टी द्वारा जनहित को त्यागने के बाद, अब इसके भीतर के अच्छे लोग भी पार्टी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
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