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'अराजकता फैलाने की कोशिशों से बाज आएं राहुल गांधी', सीजेआई से मिलने की बात पर एनडीए नेताओं ने साधा निशाना

पटना, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर विवाद और इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से सीजेआई के इनकार और याचिका दाखिल करने के निर्देश पर एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अराजकता फैलाने की कोशिश से बाज आना चाहिए।
 

पटना, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर विवाद और इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से सीजेआई के इनकार और याचिका दाखिल करने के निर्देश पर एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अराजकता फैलाने की कोशिश से बाज आना चाहिए।

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने की बचकाना कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सुरक्षा अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पत्थर फेंकना और राहुल गांधी का ज्ञापन सौंपने के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास जाने की कोशिश करना अस्वीकार्य है।

यह बयान तब आया है जब राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने सीजेआई को ज्ञापन सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई थी। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है।

आईएएनएस से बात करते हुए सरावगी ने कहा कि यह न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव डालने की बचकानी कोशिश है। ये अपरिपक्व हरकतें हैं। पुलिस पर पत्थर फेंकने वाली अनियंत्रित भीड़ और राहुल गांधी का ज्ञापन सौंपने के लिए मुख्य न्यायाधीश के दरवाजे तक जाना अस्वीकार्य है। देश का सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक रैलियों का मंच नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर आपमें हिम्मत है, तो कानूनी याचिका दायर करें। कांग्रेस के वकीलों ने कई बार याचिकाएं दायर की हैं। इसलिए, इसे सड़कों पर राजनीतिक तमाशा न बनाएं। मुख्य न्यायाधीश पहले ही कह चुके हैं कि आपके मामले की सुनवाई अदालत में हो सकती है और आपको अपनी कानूनी दलीलें वहीं पेश करनी चाहिए।

सरावगी ने कहा कि देश सड़कों पर अराजकता फैलाने और चुनाव आयोग पर दबाव डालने का यह सस्ता तमाशा देख रहा है। बिना अनुमति के जंतर-मंतर को घेरना, बैरिकेड्स तोड़ना और आकाशवाणी भवन पर पत्थर फेंकना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए सरावगी ने कहा कि संसद मार्ग पुलिस स्टेशन का उनका दौरा भी आपत्तिजनक था, जहां उन्होंने कथित तौर पर समय की मांग की और शांति बनाए रखने का दावा करते हुए हंगामा किया।

उन्होंने कहा कि अगर उनके पास कोई सबूत हैं, तो उन्हें पेश करने दें। यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें 120-150 दिन लगते हैं और इसमें 35 लाख से अधिक सरकारी और राजनीतिक पार्टी के लोग शामिल होते हैं।

भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने कहा कि एसआईआर की संवैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सब कुछ कह दिया है। मूल मुद्दा यह है, जहां पर भी चुनाव हो रहा है, कांग्रेस हार रही है। जहां बैलेट पेपर पर चुनाव हो रहा है, कांग्रेस हार रही है। असम के सिलचर में कांग्रेस हारी, त्रिपुरा में लोकल पोल में कांग्रेस हारी, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस हारी। उन्होंने कहा कि जब मामला विचाराधीन है, तो जानबूझकर यह नौटंकी की जा रही है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए सीजेपी की नई तारीख की मांग पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अंडरटेकिंग दिया है उन्होंने कि एक साल तक ऐसा कुछ नहीं करेंगे और इसी शर्त पर उनको छोड़ा गया है। देश की स्थिरता के साथ आपने मजाक बनाकर रखा है क्या? आप असली युवा हैं क्या? युवाओं की ठेकेदारी आपने कब से ले ली? युवा वो भी है जो जापान में एशियन गेम्स में जाता है, देश के लिए सौ से अधिक पदक जीतता है और देशवासियों का गर्व से सीना चौड़ा होता है। कैप्टन स्मित मच्छार भी युवा हैं, जो वैश्विक टकराव को होने से रोकते हैं। युवा वो है जो आज बड़ी संख्या में स्टार्टअप कर रहा है, चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर भारत को पहुंचा रहा है।

जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि यह भारत की आजादी के बाद के 78 वर्षों में पहली बार ऐसा होगा कि विपक्ष के नेता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांग रहे हैं। हैरानी है, देखिए, जो परंपराएं हैं, उसमें आप राष्ट्रपति के पास जाकर अपनी बातें कहते हैं लेकिन न्यायपालिका को लेकर कभी भी ऐसे मसलों में सीधे तौर पर कोई समय मांगे और अपने पक्ष से अवगत कराए, ऐसा कभी नहीं हुआ है।

--आईएएनएस

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