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केटीआर का राहुल गांधी पर हमला, बोले-तेलंगाना में किए 420 वादों का जवाब दें, कांग्रेस भ्रष्टाचार पर चुप

हैदराबाद, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारतीय राजनीति के सबसे बड़े 'झूठे' नेताओं में से एक बताया और उन पर तेलंगाना में भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
 

हैदराबाद, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारतीय राजनीति के सबसे बड़े 'झूठे' नेताओं में से एक बताया और उन पर तेलंगाना में भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि 2023 के चुनावों से पहले राहुल गांधी ने तेलंगाना की जनता से 420 वादे किए थे, लेकिन अब वे उन्हें टाल रहे हैं।

देशभर में यात्रा करने के बावजूद राहुल गांधी तेलंगाना से अपना नाता तोड़ते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कोई पता नहीं चल पा रहा है।

रामाराव बीआरएस मुख्यालय तेलंगाना भवन में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र से वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेता जिब्रान शरीफ का बीआरएस में स्वागत किया गया।

रामा राव ने पूछा कि कांग्रेस ने 100 दिनों के भीतर छह गारंटियां लागू करने, 13 घोषणाओं को पूरा करने और सभी 420 वादों को निभाने का वादा किया था। 1000 से अधिक दिन बीत चुके हैं। राहुल गांधी के 420 वादों का क्या हुआ?

उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी, जो देश भर में घूम-घूमकर "छात्रों की गूंज" जैसी पहलों के बारे में बात करते हैं। तेलंगाना में कदम रखने का साहस क्यों नहीं रखते। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी तेलंगाना की जनता से किए गए वादों के लिए जवाबदेह हैं।

बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि जहां दिल्ली में भाजपा सरकार जनता को बांट रही है। वहीं तेलंगाना में कांग्रेस सरकार राज्य को लूट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भ्रष्टाचार पर चुप हैं, क्योंकि उन्हें भी इसमें हिस्सा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राहुल गांधी का एटीएम कार्ड बन गए हैं।

कांग्रेस सरकार को पहले वर्ष में दो लाख युवाओं को रोजगार देने के वादे की याद दिलाते हुए उन्होंने पूछा कि इस वादे को किस हद तक पूरा किया गया है।

बीआरएस नेता केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए एक विशेष 'अल्पसंख्यक घोषणा' जारी की थी, लेकिन वह इसमें किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने सवाल किया कि अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 4,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित करने की प्रतिबद्धता का क्या हुआ?

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस सरकार पिछली बीआरएस सरकार द्वारा शुरू की गई 'आसरा' पेंशन को 2,000 रुपए से बढ़ाकर 4,000 रुपए करने के अपने वादे को पूरा करने में क्यों विफल रही है। उन्होंने किसानों को प्रति एकड़ 10,000 रुपए के बजाय 15,000 रुपए देने के अपने चुनावी वादे को पूरा न करने के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की।

केटीआर ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी के प्रशासन में राज्य के भीतर एक के बाद एक कई विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के परिवार के सदस्यों से जुड़े भूमि सौदों और व्यापारिक समझौतों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने टिप्पणी की कि देश में सांप्रदायिक राजनीति को रोकने के लिए केवल कांग्रेस पार्टी ही पर्याप्त नहीं है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि उसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने की राजनीतिक ताकत नहीं है।

केटीआर ने दावा किया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की असंतुष्टि बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लोग गरीबों, किसानों, बेरोजगारों के साथ-साथ बीआरएस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति सरकार के रवैये पर नजर रख रहे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि बीआरएस सरकार अगले डेढ़ साल के भीतर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने घोषणा की कि केसीआर 2028 में एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे और बीआरएस तेलंगाना को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए प्रयासरत रहेगी।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी