पर्पल स्टाइल लैब्स आईपीओ: महिलाओं के कपड़ों पर फोकस, बढ़ता नुकसान और कर्ज सबसे बड़ा जोखिम
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। फैशन कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) निवेशकों के लिए सोमवार को खुला गया है। कंपनी की आरएचपी के अनुसार, इस पब्लिक इश्यू में लगातार नुकसान, बढ़ता कर्ज और महिलाओं के कपड़ों पर फोकस निवेशकों के लिए सबसे बड़े जोखिम हैं।
कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के मुताबिक, पर्पल स्टाइल लैब्स का कंसोलिडेटेड नुकसान वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 285.40 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में 188.38 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 47.71 करोड़ रुपए था।
कंपनी का कुल कर्ज भी तेजी से बढ़कर 31 मार्च, 2026 तक 371.40 करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 25 में 112.79 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 24 में 116.33 करोड़ रुपए था।
इसके अलावा, कुल आय वित्त वर्ष 25 के 494 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 26 में 567.07 करोड़ रुपए हो गई, जबकि ईबीआईटीडीए 41.99 करोड़ रुपए से घटकर 30.37 करोड़ रुपए रह गया।
इसके अलावा, कंपनी के लिए एक बड़ा बिजनेस रिस्क महिलाओं के कपड़ों पर निर्भरता है। वित्त वर्ष 26 में 'पर्नियाज पॉप-अप शॉप' के कुल जीएमवी में इनका हिस्सा 77.7 प्रतिशत था।
आरएचपी के अनुसार, ग्राहकों की पसंद में बदलाव, मांग में कमी या फैशन ट्रेंड्स का अंदाजा न लगा पाने की स्थिति में कंपनी की बिक्री और मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है।
कंपनी को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े रिस्क का भी सामना करना पड़ रहा है। उसे पर्निया कुरैशी और सेलर से एक नोटिस मिला है, जिसमें 'पर्नियाज पॉप-अप शॉप' ब्रांड से जुड़े कुछ अधिकारों वाले लाइसेंस एग्रीमेंट को खत्म करने की मांग की गई है।
नए स्टोर, इंटरनेशनल मार्केट और प्रीमियम ब्रांड्स में विस्तार के साथ ही इसे लागू करने से जुड़े जोखिम भी हैं।
इसके अलावा, डिजाइनर ब्रांड ही प्रोडक्ट की कीमतें तय करते हैं और कई एग्रीमेंट नॉन-एक्सक्लूसिव होते हैं, जिससे कंपनी की कीमत तय करने की आजादी सीमित हो जाती है और डिजाइनर को प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म या सीधे तौर पर बिक्री करने की छूट मिलती है।
इस आईपीओ का साइज 680 करोड़ रुपए है, जिसमें पूरी तरह से 1.18 करोड़ शेयरों का नया इश्यू शामिल है और यह 2 सितंबर तक खुला रहेगा। इसके लिए प्रति शेयर 546-575 रुपए का प्राइस बैंड तय किया गया है।
साथ ही, शेयरों को एनएसई और बीएसई पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है और लिस्टिंग की संभावित तारीख 7 सितंबर तय की गई है।
--आईएएनएस
एबीएस
