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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म 'सतलुज' की समीक्षा का दिया निर्देश, पंजाब भाजपा ने किया स्वागत

चंडीगढ़, 7 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की केंद्र सरकार से अपील पर कार्रवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
 

चंडीगढ़, 7 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की केंद्र सरकार से अपील पर कार्रवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने का निर्देश दिया है।

केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए ढिल्लों ने कहा कि पंजाब का सिनेमा और उसके कलाकार राज्य के लोगों की आवाज, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब पंजाबी फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों और आम जनता ने फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के तरीके को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं, तो उन्होंने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाना अपना कर्तव्य समझा।

ढिल्लों ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को समीक्षा समिति के पास भेजकर त्वरित कार्रवाई की है, जिसका वह स्वागत करते हैं। उचित प्रक्रिया, पारदर्शिता और पंजाब की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक अभिव्यक्तियों का सम्मान हमेशा साथ-साथ चलना चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि समिति पूरे मामले की व्यापक समीक्षा करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर पंजाब के कलाकारों और आम लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

ढिल्लों ने कहा कि कानून का पालन होना जरूरी है, लेकिन साथ ही यह भी आवश्यक है कि पंजाब के फिल्म जगत और आम जनता द्वारा उठाई गई वास्तविक चिंताओं को निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से सुना जाए।

उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा इस मामले के जल्द और न्यायपूर्ण समाधान के लिए सभी पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखेगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई ने फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की निंदा की है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर पंजाब के इतिहास के काले अध्यायों को मिटाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि नई पीढ़ी राज्य के अतीत के महत्वपूर्ण और दुखद घटनाक्रमों के बारे में सच न जान सके।

आप के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि नई पीढ़ी यह जानना चाहती है कि पंजाब में 1978, 1984, 1990 के दशक और अन्य महत्वपूर्ण दौर में क्या हुआ था। यदि लोगों को किताबों और डॉक्यूमेंट्री तक पहुंच नहीं मिलेगी, तो फिल्मों के माध्यम से ही ऐतिहासिक सच को संरक्षित किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम