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प्रियंका चोपड़ा जोनस ने की ‘ऑब्सेशन’ की तारीफ, कहा- हॉलीवुड में अवसरों की दीवारें टूट रही हैं

लॉस एंजेलिस, 24 जून (आईएएनएस)। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने निर्माता बनने और अमेरिका में अपने करियर को आगे बढ़ाने की इच्छा पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी कहा कि अब हॉलीवुड में नए कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के लिए प्रवेश की बाधाएं पहले की तुलना में काफी कम हो गई हैं।
 
प्रियंका चोपड़ा जोनस ने की ‘ऑब्सेशन’ की तारीफ, कहा- हॉलीवुड में अवसरों की दीवारें टूट रही हैं

लॉस एंजेलिस, 24 जून (आईएएनएस)। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने निर्माता बनने और अमेरिका में अपने करियर को आगे बढ़ाने की इच्छा पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी कहा कि अब हॉलीवुड में नए कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के लिए प्रवेश की बाधाएं पहले की तुलना में काफी कम हो गई हैं।

प्रियंका ने कम बजट की सफल हॉरर फिल्म ऑब्सेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के दौर में प्रतिभाशाली लोगों के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुल रहे हैं।

बुधवार को आयोजित कैंस लायंस सम्मेलन में शामिल हुईं प्रियंका ने कहा, “मुझे लगता है कि अगर आपके पास कोई अच्छा विचार है तो आप उसे शूट कर सकते हैं, यूट्यूब पर डाल सकते हैं और वह ‘ऑब्सेशन’ जैसी फिल्म बन सकती है, जो हाल ही में रिलीज हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, “मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद शानदार समय है, क्योंकि आज के दौर में विचार ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी हैं।”

प्रियंका ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब हालात इतने आसान नहीं थे। पिछले एक दशक से हॉलीवुड में अपना करियर बना रहीं अभिनेत्री ने कहा कि शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनका फिल्मी दुनिया से कोई संबंध नहीं था।

उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता डॉक्टर थे, इसलिए हममें से किसी को भी यह नहीं पता था कि फिल्म इंडस्ट्री में कैसे आगे बढ़ना है। जब मैंने शुरुआत की थी, तब यह बहुत सीमित और खास लोगों तक पहुंच वाला क्षेत्र था। अगर आपको फिल्म निर्माण में आना होता था तो पहले यह तय करना पड़ता था कि आप किस विभाग में काम करना चाहते हैं।”

प्रियंका ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना वैश्विक नहीं बन पाएगा, क्योंकि भारतीय फिल्में अंग्रेजी भाषा में नहीं होतीं।

उन्होंने कहा, “मुझे बताया जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना वैश्विक नहीं होगा, क्योंकि हमारी फिल्में अंग्रेजी में नहीं बनतीं और हर कोई हिंदी, तेलुगु, मराठी या अन्य भारतीय भाषाओं को नहीं समझता।”

अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसलिए शुरू किया ताकि नए फिल्मकारों और उन रचनात्मक लोगों को मंच मिल सके, जिनके पास बेहतरीन विचार तो हैं, लेकिन उद्योग के दरवाजे खोलने के लिए जरूरी संसाधन या संपर्क नहीं हैं।

प्रियंका ने कहा, “मैं ऐसे नए फिल्मकारों का समर्थन करना चाहती हूं जिनके पास शानदार विचार हैं, लेकिन उनके पास उन अवसरों तक पहुंच नहीं है, जिन तक मैं उन्हें पहुंचाने में मदद कर सकती हूं।”

हाल ही में स्ट्रीमिंग हिट्स सिटाडेल और हेड्स ऑफ स्टेट का हिस्सा रहीं प्रियंका ने अपने अंग्रेजी भाषा के करियर को लेकर भी खुलकर बात की।

उन्होंने कहा, “हिंदी सिनेमा में मैंने सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों और कलाकारों के साथ काम किया है। मैंने कई शानदार कहानियां और अलग-अलग शैलियों की फिल्में की हैं। लेकिन अमेरिका और हॉलीवुड में अपने अंग्रेजी भाषा के काम में मुझे अभी वैसी विविधता और अवसर उतने नहीं मिले हैं।”

प्रियंका का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और कोविड-19 महामारी के दौरान बदली दर्शकों की आदतों ने दुनिया भर की सामग्री को नए दर्शक दिए हैं। उनके अनुसार, अब लोग विभिन्न देशों और भाषाओं की कहानियों को पहले से कहीं ज्यादा अपनाने लगे हैं, जिससे वैश्विक मनोरंजन उद्योग में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।

--आईएएनएस

डीएससी